
भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के लिए पिछला हफ्ता पॉजिटिव टू फ्लैट रहा। सेंसेक्स में एक सप्ताह में 562 अंकों की बढ़त रही, निफ्टी में भी 99 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा अगला सप्ताह।
कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल
सोमवार को सेंसेक्स 473 अंक बढ़कर 72382 पर जा पहुंचा तो निफ्टी 134 अंकों की बढ़त के साथ 22556 पर जा पहुंचा। मंगलवार को सेंसेक्स 685 अंकों की बढ़त के साथ 73068 अंक पार हुआ। निफ्टी 220 अंकों की बढ़कर 22776 पर पहुंच गया। बुधवार को सेंसेक्स 430 अंक गिरकर 72,639 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 173 अंक टूटकर 22,603 अंक पर आ गया।
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1045 अंक गिरकर 71593 पर बंद हुआ तो निफ्टी 371 अंक गिरकर 22,232 पर जा पहुंचा। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स 879 अंक बढ़कर 72472 पर जा पहुंचा तो निफ्टी 289 अंकों की बढ़त के साथ 22520 पर जा पहुंचा।
इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल
सप्ताह की शुरुआत 5 अक्टूबर को सकारात्मक रुख और बॉटम फिशिंग के साथ हुई। 6 अक्टूबर को बैंकिंग और मेटल शेयरों में लिवाली के कारण सेंसेक्स ने एक बार फिर 73,000 के स्तर को छूने की कोशिश की। सप्ताह का सबसे बड़ा घरेलू ट्रिगर RBI की मौद्रिक नीति समिति का फैसला रहा। आरबीआई ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर इसे 5.50% कर दिया। इसके चलते ऑटो, रियल्टी और अन्य रेट-संवेदनशील सेक्टरों पर दबाव बढ़ गया।
गुरुवार, 8 अक्टूबर को बाजार में भारी भूचाल आया। आरबीआई के सख्त रुख, पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार रहने और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण बाजार धड़ाम हो गया। 9 अक्टूबर को आईटी और बैंकिंग शेयरों में हुई भारी लिवाली के दम पर बाजार में जबरदस्त रिकवरी आई।
कैसा रहेगा अगला हफ्ता?
बाजार विशेषज्ञ सागर अग्रवाल ने कहा कि शेयर बाजार में वॉलेटिलिटी बनी हुई है। बाजार को अभी भी पॉजिटिव न्यूज का इंतजार है। बांड यिल्ड की वजह से विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी भारतीय शेयर बाजार में कम नजर आ रही है। अधिकांश शेयर अपने ऑल टाइम हाई से 30 से 40 फीसदी तक नीचे हैं। अमेरिका ईरान युद्ध का कोई रिजल्ट नहीं निकला तो इकनॉमिक क्राइसिस और महंगाई भी चिंता बढ़ा रहे हैं। 10 से 15 फीसदी की बढ़ोतरी आने पर बाजार के स्थिर होने की संभावना है।
अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।


