पिछली बार से 21 मेडल कम लाने के बावजूद भारत की चौथी रैंक बरकरार

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जापान के आइची-नागोया में खेले गए एशियाई खेलों में भारत ने धीमी शुरुआत करने के बावजूद अक्टूबर की शुरुआत में तेज रफ्तार से पदक जीतना शुरु किए जिसमें गोल्ड मेडल की अच्छी खासी संख्या रही। शुक्रवार को ही भारत ने विभिन्न खेलों में 6 गोल्ड मेडल जीते जिसमें महिला हॉकी टीम का फाइनल में चीन के खिलाफ आया गोल्ड सबसे खास रहा जो 44 साल बाद आया। यही कारण रहा कि भारत का आंकड़ा 80 पार जा पाया।अगर अंतिम दो दिनों में भारत ने 11 स्वर्ण पदकों की शानदार झड़ी नहीं लगाई होती तो शीर्ष पांच में जगह बनाना भी मुश्किल होता।

भारत 85 पदकों (21 स्वर्ण, 27 रजत, 37 कांस्य) के साथ पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा जो चीन के हांग्झोउ में हुए पिछले चरण से 21 कम है।चीन लगातार 12वें चरण में तालिका में शीर्ष पर रहा उसने 169 स्वर्ण, 89 रजत और 83 कांस्य सहित कुल 341 पदक जीते जो विदेश में आयोजित एशियाई खेलों में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। मेजबान जापान 269 पदकों (83 स्वर्ण, 95 रजत और 91 कांस्य) के साथ दूसरे स्थान पर रहा। उसके बाद दक्षिण कोरिया के 39 स्वर्ण, 43 रजत और 68 कांस्य पदक थे।

मुक्केबाजों और तीरंदाजों के बेहतरीन प्रदर्शन का परिणाम है कि भारत पदकों की संख्या में 80 का आंकड़ा पार कर पाया। शनिवार को भारतीय पुरुष टीम मलेशिया के खिलाफ गोल्ड मेडल मैच में 5-1 से जीत दर्ज की। इसके अलावा पहलवानी में अमन सहरावत ने स्वर्ण, अंतिम पंघाल ने रजत और दीपक पुनिया ने कांस्य पदक जीतकर भारत का अभियान समाप्त किया।

भारत की महिला क्रिकेट टीम और पुरुष क्रिकेट टीम ने गोल्ड मेडल जीता है। वहीं भारत की कबड्डी की महिला और पुरुष टीम ने ईरान को हराकर गोल्ड जीता है। मीराबाई चानू ने पहली बार एशियाड में गोल्ड जीता। चोटिल होकर बाहर हो चुके नीरज चोपड़ा की गैर मौजूदगी में भी भारत के रोहित यादव और यशवीर सिंह ने रजत और कांस्य पदक जीता।

इसके अलावा कई एतिहासिक गोल्ड मेडल भारत को इन खेलों में मिले। कई खिलाड़ियों ने गोल्ड जीतकर लॉस एंजलिस ओलंपिक्स के लिए अपनी जगह बनाई। खासकर तीरंदाजी में भारत ने चौंकाने वाला प्रदर्शन किया रिकर्व तीरंदाजी महिला और पुरुष टीम ने गोल्ड जीतकर स्वत ओलंपिक क्वालिफाय किया। कुमद ने भी व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड जीता। इसके अलावा नीरू हांडा सबसे सफल एथलीट रहीं जिनको समापन समारोह में ध्वजवाहक बनने का गौरव प्राप्त हुआ।

TraP Shooting

उन्होंने आइची-नागोया में तीन मेडल – दो गोल्ड और एक सिल्वर – जीते। नीरू ने महिलाओं के ट्रैप इवेंट में गोल्ड मेडल जीता और एशियन गेम्स 2026 में व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। उन्होंने महिलाओं के ट्रैप टीम इवेंट में सिल्वर मेडल भी जीता और इसके बाद मिक्स्ड ट्रैप टीम इवेंट में एक और गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

ग्रीको रोमन वर्ग में नितेश सिवाच और सुनील कुमार ने भी शानदार प्रदर्शन किया जिससे कुश्ती का कुल प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा।

भारत को शुरुआत में बैडमिंटन, शूटिंग, टेबल टेनिस और कनोइंग में निराशा हाथ लगी अन्यथा हांगजाउ में आए 107 पदकों से आगे या बराबरी पर भारतीय दल रहता। बैडमिंटन की स्टार जोड़ी सात्विकसाइराज रंकी रेड्डी और चिराग शेट्टी एकल प्रतियोगिता के क्वार्टर फाइनल में ही हार गए। यही हाल पीवी सिंधू का रहा। बैडमिंटन की पुरुष टीम ने टीम इवेंट में ब्रॉंज मेडल जीतकर इज्जत बचाई। टेबल टेनिस की टीम  ईरान जैसी टीम के सामने हार गई। वहीं

एक और स्टार खिलाड़ी जिन्होंने निराश किया वह थी मनु भाकर जो 10 मीटर और 25 मीटर की निशानेबाजी स्पर्धा में एक भी पदक नहीं ला सकी।सबसे बड़ा उलटफेर वॉलीबॉल टीम के साथ हुआ जुलाई से बड़ी बड़ी टीमों को हराने वाली टीम पाकिस्तान से हारकर खेलों से बाहर हो जाएगी किसी ने सोचा ना था।टेनिस में भारत को बड़ा झटका लगा और भारतीय खिलाड़ी 40 साल में पहली बार बिना किसी पदक के लौटे।