VVS लक्ष्मण को मिली बड़ी भूमिका, टीम चयन में रहेगा योगदान

भारतीय क्रिकेट के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण लंबे समय से भारतीय क्रिकेट टीम के साथ बतौर कोच समय बिता चुके हैं। जब राहुल द्रविड़ मुख्य टीम के साथ व्यस्त रहते थे तो राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण युवा टीम के साथ दौरे पर जाते थे। पिछली बार की तरह इस बार भी एशियाड में वीवीएस लक्ष्मण ही कोच थे। अब भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने उनको बड़ी जिम्मेदारी देने का मन बना लिया है।अब टीम का चयन करते वक्त उनकी भी राय ली जाएगी ऐसा बोर्ड सचिव देवाजीत सैकिया ने कहा है।

इंग्लैंड के हालिया दौरे पर दूसरे वनडे से पहले रोहित के करियर खत्म होने की खबरों का बाहर आना, उसके बाद बीसीसीआइ सचिव देवजीत सैकिया का मुख्य चयनकर्ता से बात किए बिना ये कहना कि रोहित जब तक टीम योजना का हिस्सा हैं। इन सब परिस्थितियों ने पहलुओं को बहुत उलझा दिया है।

BCCI पदाधिकारियों को लगता है कि लक्ष्मण की बातों को ज्यादा तवज्जो मिलेगी और रोहित-विराट जैसे सीनियर खिलाड़ी भी उनकी बात को मानेंगे। भारतीय टीम प्रबंधन नहीं चाहता था कि रोहित शर्मा 2027 वनडे विश्व कप खेलें। इसको लेकर इंग्लैंड दौरे के दौरान एक चयनकर्ता ने बोर्ड को शीशे में भी ढाल लिया था लेकिन मामला उल्टा पड़ गया।ऐसा माना जा रहा है कि वीवीएस लक्ष्मण ना केवल गुत्थियों को सुलझाएंगे बल्कि बोर्ड और खिलाड़ियों के बीच एक पुल का काम भी करेंगेँ।

51 वर्ष के लक्ष्मण 5 साल से NCA के प्रमुख हैं और भारतीय क्रिकेटरों की अगली नस्ल को बखूबी जानते हैं। द्रविड़ के अवकाश पर होने पर उन्होंने सीनियर टीम की कोचिंग भी की है। उनके कोच रहते भारत ने एशियाई खेल, आस्ट्रेलिया के खिलाफ द्विपक्षीय टी20 श्रृंखला और इंग्लैंड, न्यूजीलैंड तथा आयरलैंड में श्रृंखलायें खेली है।

लक्ष्मण के चमकदार करियर की विदाई रही कड़वी

द्रविड़ की तरह लक्ष्मण को भी मैदान पर विदाई लेने का मौका नहीं मिला। अपने करियर में अधिकतर समय ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की नाक में दम करने वाले लक्ष्मण के करियर का अंत आखिर में ऑस्ट्रेलिया दौरे के साथ ही हो गया। लक्ष्मण ने ऑस्ट्रेलिया दौरे में चार टेस्ट मैचों में 19.37 की औसत से 155 रन बनाए थे। इसके बाद भी वह भारत के घरेलू सत्र की तैयारियों में जुटे थे लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ अगस्त 2009 में होने वाली टेस्ट श्रृंखला के लिए टीम में चुने जाने के बावजूद उन्होंने 18 अगस्त को अचानक संन्यास लेने की घोषणा करके सभी को चौंका दिया था।

माना जा रहा था कि चयनकर्ताओं ने लक्ष्मण को कह दिया था कि यह उनकी आखिरी श्रृंखला होगी और इस कलात्मक बल्लेबाज ने इससे पहले टेस्ट क्रिकेट छोड़ना उचित समझा।भारत के लिए कई यादगार पारियां खेलने वाले लक्ष्मण ने अपना करियर 1996 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरू किया था। उन्होंने 134 टेस्टों में 8781 रन बनाए जिनमें 17 शतक और 56 अर्द्धशतक शामिल हैं। लक्ष्मण ने 86 वनडे में छह शतकों के साथ 2338 रन भी बनाए।