
भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने कभी फिक्सिंग, बुरे फॉर्म और फिटनेस से गुजर रहे खिलाड़ियों के रहते भारतीय टीम की कप्तानी संभाली थी और डरी हुई टीम इंडिया को शिकार करने वाली टीम इंडिया में तब्दील किया था। अब उनको यही काम इंडियन प्रीमियर लीग की सबसे असफल फ्रैंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स के लिए करना होगा।
सौरव गांगुली को मंगलवार को इंडियन प्रीमियर लीग के 2027 सत्र के लिये दिल्ली कैपिटल्स का मुख्य कोच बनाया गया।गांगुली 2019 में दिल्ली टीम के सलाहकार बने थे।वह फ्रेंचाइजी की पुरूष और महिला टीम के क्रिकेट निदेशक समेत कई पदों पर रह चुके हैं।
गांगुली ने टीम द्वारा जारी बयान में कहा,‘‘ आईपीएल में मुख्य कोच की भूमिका संभालने को लेकर उत्साहित हूं। दिल्ली कैपिटल्स टीम मेरे दिल के करीब है और इतने सालों में उसके साथ करीबी रिश्ता रहा है।’’उन्होंने कहा ,‘‘मैने टीम के मालिकों, प्रबंधन, सहयोगी स्टार और खिलाड़ियों के साथ करीब से काम किया है । हमारे पास काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और अतीत में हमने अच्छी क्रिकेट खेली है।’’दिल्ली टीम आईपीएल के पिछले सत्र में छठे स्थान पर रही थी।

अपने समय के बाएं हाथ के दिग्गज बल्लेबाज गांगुली ने टेस्ट और एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल मिलाकर 18575 रन बनाए। उन्होंने 311 एकदिवसीय और 113 टेस्ट मैच खेले।आईपीएल 2008 में सौरव गांगुली शाहरुख खान की कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़े। दो साल के बाद ही फ्रैंचाइजी का उनसे मन ऊब गया। इसके बाद साल 2011 और 12 में वह पुने वॉरियर्स के साथ खेले। दादा का बुरा फॉर्म फ्रैंचाइजी को खटकता रहा और उसके बाद उन्होंने बल्ला नहीं थामा। 59 आईपीएल मैचों में दादा ने 1349 रन बनाए जिसमें सिर्फ 7 अर्धशतक थे।
गांगुली ने जब कप्तानी संभाली, तब मैच फिक्सिंग मामले ने भारतीय क्रिकेट को झकझोर दिया था। उन्होंने न सिर्फ भारतीय क्रिकेट को उस संकट से निकाला बल्कि युवराज सिंह, हरभजन सिंह, वीरेंद्र सहवाग, जहीर खान और महेंद्र सिंह धोनी जैसे मैच विनर भी दिए।
गांगुली की कप्तानी में भारत ने 146 वनडे मैचों में से 76 जीते और 65 गंवाए जबकि पांच मैच बेनतीजा रहे। वहीं टेस्ट क्रिकेट में 49 मैचों में कप्तानी करके उन्होंने 21 जीते और 13 गंवाए जबकि 15 मैच ड्रॉ रहे।

