
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई करने पर सहमति जताई है। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि ज्ञानेश कुमार ने अन्य 2 चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की मंजूरी के बिना निर्वाचन आयोग (ECI) के नाम पर एकतरफा फैसले लिए। ALSO READ: केजरीवाल ने CJP को बताया गणित, कहा- CEC ज्ञानेश का नहीं, सीधे बॉस का इस्तीफा मांग लो
राकेश सिंह द्वारा लगाई गई इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि कई सदस्यों वाली संस्था के तौर पर पोल पैनल को मिली शक्तियों का इस्तेमाल संविधान के आर्टिकल 324 और 2023 एक्ट के सेक्शन 18 के तहत तय सामूहिक फैसले लेने की प्रक्रिया का पालन किए बिना किया गया। याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की मांग की गई है।
याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त से यह बताने को कहा गया है कि उन्होंने किस अधिकार के तहत ऐसे फै़सले लिए और अब भी ले रहे हैं, जैसे कि संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत आयोग को मिले सामूहिक निर्णय लेने के अधिकार का इस्तेमाल वह अकेले करने के हकदार हों। कोई भी फैसला तीनों की सहमति से ही लिया जाता है। किसी मुद्दे पर तीनों के बीच सहमति नहीं होने पर फै़सला बहुमत के आधार पर लिया जाता है। ALSO READ: Delhi SIR : बेला एस्टेट में 727 नाम हटने का राहुल गांधी का दावा, EC पर उठाए सवाल
विपक्ष ने मांगा इस्तीफा, क्या बोला सत्ता पक्ष
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष दल सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को दिल्ली, पटना, इलाहाबाद, जयपुर, हैदराबाद, श्रीनगर समेत देश के कई शहरों में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर कई दर्शन हुए। सीजेपी के अभिजीत दिपके ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर से आंदोलन का एलान किया है।
वहीं भाजपा और उनके सहयोगी दलों का दावा है कि संवैधानिक रूप से चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है। ऐसे मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करना और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाना अपने आप में लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। ALSO READ: CEC Gyanesh Kumar Row : ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का देशभर में प्रदर्शन, पटना में वाटर कैनन का इस्तेमाल, SIR को लेकर उठाए सवाल


