Asian Games से बाहर होने के बाद सिंधू ने शेड्यूल पर उठाए सवाल, 24 घंटे में 3 मैच क्यों

एशियाड में भारतीय बैडमिंटन टीम सिर्फ पुरुष टीम प्रतिस्पर्धा में कांस्य पदक लेकर लौटी। लगातार 3 बार ओलंपिक में मेडल लाने वाले इस खेल के लिए यह निराशाजनक बात है क्योंकि उम्मीद थी कि व्यक्तिगत मेडल भी भारतीय शीर्ष स्तर के खिलाड़ी ला सकते हैं। सात्विक और चिराग की राउंड ऑफ 16 में हार से सारी उम्मीदें पीवी सिंधु पर थी लेकिन वह भी रविवार को बाहर हो गई।

गौरतलब है कि महिला भारतीय बैडमिंटन टीम का कुल प्रदर्शन भी निराशाजनक ही रहा। क्वार्टरफाइनल में भारतीय महिला टीम जापान से 1-3 से हारकर बाहर हो गई।लेकिन व्यक्तिगत स्पर्धा में टीम को सिंधू से या त्रिसा जॉली और गायत्री से उम्मीद थी कि कम से कम एक पदक तो आएगा लेकिन ऐसा ना हो सका।

भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधू ने रविवार को 24 घंटे के भीतर तीन एकल मुकाबले खेलने पर नाराजगी जताई।सिंधू को शनिवार को दो मुकाबले खेलने थे जिसमें से दूसरा मैच आधी रात के बाद खत्म हुआ। इसके बाद उन्हें रविवार को चीन की चेन यूफेई के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले के लिए कोर्ट पर उतरना पड़ा जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने इससे पहले किसी बड़े टूर्नामेंट में कभी एक दिन में दो मैच खेले हैं, सिंधू ने कहा, ‘‘वास्तव में नहीं क्योंकि मुझे लगता है कि कार्यक्रम वास्तव में अच्छी तरह व्यवस्थित नहीं था।’’उन्होंने कहा, ‘‘हम काफी देर से सोए और फिर रविवार सुबह वापस आए, एक दिन में दो मैच खेलने के बाद उबरने की प्रक्रिया सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता होती है।’’

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चौबीस घंटे में तीन मैच खेलने के लिए मानसिक रूप से खुद को तैयार करने के सवाल पर सिंधू ने कहा, ‘‘यह सिर्फ मानसिक रूप से तैयार होने की बात नहीं है, आपको उबरने की जरूरत होती है। भले ही आपको लगे कि आप अच्छा कर रहे हैं लेकिन शारीरिक रूप से शायद आप वहां जाने या खेलने की स्थिति में नहीं हो।’’

सिंधू ने  कहा, ‘‘जब लंबी रैलियां होती हैं तो निश्चित रूप से रिकवरी जरूरी होती है। जब आप अच्छा कर रहे होते हैं तो आप स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ते हैं, लेकिन आपके पैर साथ नहीं देते।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा कुल मिलाकर मैच अच्छा था, लेकिन कार्यक्रम थोड़ा बेहतर होना चाहिए था।’’