
मोदी सरकार में मंत्री जेपी नड्डा ने दावा किया कि भारत आगे बढ़ रहा है लेकिन विपक्ष हताश है। उन्होंने ECI विवाद में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि राहुल गांधी कान खोल कर सुन लीजिए, झूठ को 100 बार दोहराने से वह सच नहीं बन जाता, सच पराजित नहीं हो जाता। ALSO READ: चिराग पासवान के बयानों से गरमाई बिहार की सियासत! कानून-व्यवस्था पर खड़े किए सवाल, कहा- मुझे शर्म आती है
नड्डा ने कहा कि कांग्रेस और पूरी INDI गठबंधन देश की प्रगति को देखकर कुंठित और हताश है। विपक्ष के तमाम मनगढंत आरोप तथ्यों के कसौटी पर बार-बार ध्वस्त हुए हैं। जब इनके पास नीतियों और विजन का अभाव होता है तो ये देश में भ्रम और अराजकता फैलाने के नए-नए प्रपंच रचते हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले एक मनगढंत खबर को लेकर देशभर में बवाल मचाया गया। अब जब चुनाव आयोग के सभी सदस्यों ने इनके लगाए हर झूठ का पर्दाफाश कर दिया तो अब ये नए सिरे से फिर से माहौल को खराब करने का प्रयास करने में लगे हुए हैं। राहुल गांधी कान खोल कर सुन लीजिए, झूठ को 100 बार दोहराने से वह सच नहीं बन जाता, सच पराजित नहीं हो जाता।
कांग्रेस और INDI गठबंधन देश की प्रगति से हताश है। इनके मनगढ़ंत आरोप बार-बार तथ्यों की कसौटी पर ध्वस्त हुए हैं। जब न नीति होती है, न विजन, तब भ्रम और अराजकता फैलाने का सहारा लिया जाता है।
चुनाव आयोग ने इनके आरोपों पर तथ्य स्पष्ट कर दिए हैं, फिर भी माहौल बिगाड़ने की कोशिश जारी है।… pic.twitter.com/WNq91Y5LrD
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) September 28, 2026
भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि जनता विपक्ष के इस दोहरे चरित्र और नकारात्मक राजनीति को पूरी तरह समझ चुकी है। जो ताकतें देश में अस्थिरता पैदा करना चाहती हैं, उन्हें जनता ने पहले भी करारा सबक सिखाया है और आगे भी इनका हर भ्रम और षड्यंत्र जनता की अदालत में चूर-चूर होगा। ALSO READ: SIR को लेकर कांग्रेस पर बरसे CM योगी, बोले- भ्रम फैलाने से बाज आएं, गैरजिम्मेदाराना हरकतों के लिए जनता से मांगें माफी
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी के लिए एकमात्र एजेंडा देश की स्वतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना और कमजोर करना बन गया है। यह वही ‘टूलकिट मानसिकता’ है जो देश के विकास को रोकने के लिए हर सुबह एक नई साजिश रचती है: आरोप लगाना, देश का माहौल खराब करना और भाग जाना। यही विपक्ष का काम करने का तरीका बन गया है।


