
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तुलना करते हुए दावा किया कि पीएम मोदी युवाओं से डरते हैं। उन्होंने कहा कि एक प्रधानमंत्री ने Gen Z को वोट का अधिकार दिया, दूसरे इसे छल-कपट के जरिए छीनने पर तुले हैं। ALSO READ: 10 महीने में 14 आपत्तियां और 13 करोड़ नाम हटने पर 2 चुनाव आयुक्तों ने ECI ज्ञानेश कुमार के फैसलों को ‘अवैध’ क्यों बताया?
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि यह दो प्रधानमंत्रियों की कहानी है। एक प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने दिसंबर 1988 में संसद के नियमित शीतकालीन सत्र में संविधान के अनुच्छेद 326 में संशोधन करवाकर मतदान की न्यूनतम उम्र 21 साल से घटाकर 18 साल कर दी। ये वो प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने युवाओं को सशक्त बनाया।
उन्होंने कहा कि दूसरे प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने यह सुनिश्चित किया कि 2024 से मतदाता सूचियों का Special Summary Revision बंद रहे, ताकि Gen Z के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज न हो सके। ये वो प्रधानमंत्री हैं, जो युवाओं से डरते हैं, क्योंकि उन्होंने उनकी उम्मीदों और आकांक्षाओं को तोड़ दिया है। एक प्रधानमंत्री ने Gen Z को वोट का अधिकार दिया, दूसरे इसे छल-कपट के जरिए छीनने पर तुले हैं।
This is a Tale of Two PMs
One PM got Parliament in its regular Winter Session in Dec 1988 to amend Article 326 of the Constitution to reduce the minimum age for voting from 21 years to 18 years. This was a PM who empowered the youth.
There is another PM who has ensured that the…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) September 25, 2026
राहुल ने भी लगाए थे गंभीर आरोप
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश की चुनाव प्रणाली और निर्वाचन आयोग (Election Commission) की निष्पक्षता पर एक बार फिर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। राहुल गांधी ने दावा किया कि हालिया लोकसभा चुनाव और पिछले कई विधानसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि उनके पास इस पूरे मामले के पक्के सबूत मौजूद हैं, जिन्हें जल्द ही जनता के सामने लाया जाएगा।
राहुल ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने चुना है। मैंने अपनी चिट्ठी में स्पष्ट लिखा था कि मुख्य चुनाव आयुक्त को चुनने की प्रक्रिया पूरी तरह स्वतंत्र होनी चाहिए और उस पर प्रधानमंत्री या किसी का दबाव नहीं होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब दो चुनाव आयुक्त कह रहे हैं कि हमारी वोटिंग व्यवस्था में जो गड़बड़ी और नुकसान हुआ है, उसके लिए वही जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि देशद्रोहियों को दंडित किया जाएगा। ALSO READ: ज्ञानेश तुरंत दें इस्तीफा…राहुल गांधी ने कहा- मोदी और शाह की भी जांच कराएंगे
क्यों ऊठ रहे हैं सवाल?
गौरतलब है कि द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार रिकॉर्ड पर आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों में ऐसे फैसलों और आदेशों का मुद्दा उठाया गया जिन्हें दोनों अधिकारियों ने अपनी जानकारी के बिना जारी किए जाने की बात कही थी।


