ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेशकियन शुक्रवार को ब्रिक्स समिट 2026 में शामिल होने के लिए भारत पहुंचे। समिट से पहले आज शाम 6:15 बजे वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षिय वार्ता करेंगे। दोनों नेताओं की बातचीत पर अमेरिका समेत पूरी दुनिया की नजरें हैं। ALSO READ: BRICS Summit से पहले चिदंबरम का बड़ा सवाल- पिछले 2-3 सम्मेलनों से भारत को क्या मिला? थरूर ने दिया जवाब
His Excellency Dr. Masoud Pezeshkian, President of the Islamic Republic of Iran, has just arrived in New Delhi to attend the BRICS Summit of Heads of State and Government. pic.twitter.com/x2Vuq4UqTl
— Iran in India (@Iran_in_India) September 11, 2026

भारत यात्रा पर रवाना होने से पहले ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि नए BRICS बैंक का गठन देशों को डॉलर पर निर्भरता से मुक्त करने और दुनिया में अमेरिका के प्रभुत्व स्थापित करने के प्रयास का मुकाबला करने के लिए किया गया था। इस समूह में एकतरफापन का मुकाबला करने और आर्थिक, व्यापारिक, औद्योगिक और वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ाने की क्षमता है। ALSO READ: ब्रिक्स सम्मेलन से पहले पीएम मोदी से पुतिन की मुलाकात, जानें कड़े वैश्विक दबाव के बीच कितनी मजबूत है भारत-रूस की दोस्ती
Speaking ahead of his departure to India, the President said: The new BRICS bank was created to free countries from reliance on the dollar and to stand against America's push for dominance. pic.twitter.com/5XKLixfkUW
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अमेरिका ईरान युद्ध के बीच पेजेशकियन की भारत यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समिट से ईतर वे रूसी राष्ट्रपति पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात कर सकते हैं।
पेजेश्कियान ने सदस्यों के बीच जॉइंट इन्वेस्टमेंट और गतिविधियों को आसान बनाने के लिए ब्रिक्स बैंक बनाने का जिक्र किया और आर्थिक लेन-देन में डॉलर पर निर्भरता कम करने की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा अि कोशिश यह है कि देश डॉलर पर निर्भर हुए बिना आर्थिक और क्षेत्रीय रूप से विकास करें, और एकतरफा फैसलों और बड़ी ताकतों की हद से ज़्यादा मांगों का विरोध करें।


