
जर्मनी के प्राकृतिक गैस भंडार सर्दियों की शुरुआत से पहले गंभीर रूप से कम स्तर पर पहुंच गए हैं। गैस स्टोरेज उद्योग संगठन आईएनईएस के अनुसार, सितंबर की शुरुआत में देश के गैस भंडारण केंद्र लगभग 53 फीसदी भरे हुए थे। यह पिछले 15 सालों में इस समय का सबसे निचला स्तर है। ALSO READ: युद्ध, अनिश्चितता और बिखरते नियम: किधर जा रही है दुनिया?
आईएनईएस का कहना है कि यदि आने वाले हफ्तों में गैस भरने की रफ्तार में बड़ा इजाफा किया जाए, तो 1 नवंबर तक भंडार करीब 77 फीसदी तक पहुंच सकता है। हालांकि, इसके लिए अगले दो महीनों में पिछले तीन महीनों की तुलना में और अधिक गैस स्टोर करनी होगी। लेकिन अगर सर्दी बेहद ठंडी रही, तो यह पर्याप्त नहीं होगा। जनवरी के कुछ दिनों में गैस की आपूर्ति में 25 फीसदी से अधिक की कमी हो सकती है।
आईएनईएस के अनुसार, मौजूदा बाजार परिस्थितियों में गैस खरीदकर स्टोर करना कारोबारियों के लिए कम लाभदायक हो गया है। संगठन सरकार से ऐसे आर्थिक प्रोत्साहन और शुल्क में राहत की मांग कर रहा है, जिससे गैस भंडारण की रफ्तार बढ़ाई जा सके। ALSO READ: विदेशी मदद से बचाई जाएगी कोलकाता ट्राम की ऐतिहासिक विरासत
हालांकि जर्मन अधिकारियों का कहना है कि देश के पास गैस आपूर्ति के अन्य स्रोत भी मौजूद हैं। एलएनजी टर्मिनलों और पाइपलाइन आयात के जरिए अतिरिक्त गैस उपलब्ध कराई जा सकती है। इसलिए फिलहाल तत्काल आपूर्ति संकट की स्थिति नहीं मानी जा रही है।


