इंदौर निगम के राजस्व अधिकारी पर लोकायुक्त की रेड, 31 साल की नौकरी में जमा किए 2.53 करोड़, दो-दो बिल्डिंगें

इंदौर निगम के राजस्व अधिकारी पर लोकायुक्त की रेड, 31 साल की नौकरी में जमा किए 2.53 करोड़, दो-दो बिल्डिंगें

jitendra kumar pandey

नगर निगम इंदौर में एक और अधिकारी पर लोकायुक्‍त ने कार्रवाई की है, जिसमें संपत्‍ति में अनुपात नहीं होने की बात सामने आ रही है। यह कार्रवाई नगर निगम इंदौर के सहायक राजस्व अधिकारी (ARO) जितेंद्र कुमार पांडेय के ठिकानों पर लोकायुक्त ने शुक्रवार को की। सुबह करीब 6 बजे लोकायुक्त के 20 अधिकारियों की दो अलग-अलग टीमें पांडेय के घर और उनकी पत्नी भावना के नाम हॉस्टल पर पहुंचीं।

प्रारंभिक जांच में ARO पांडेय की वैध आय की तुलना में करीब 1.73 करोड़ रुपए की अनुपातहीन संपत्ति मिलने की बात सामने आई है। कार्रवाई के दौरान डीएसपी सुनील तालान, आनंद चौहान, निरीक्षक आशुतोष मिठास और सचिन पटेरिया शामिल हैं।

2.53 करोड़ रुपए का खर्च निकला: लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय के मुताबिक पांडेय नगर निगम में करीब 31 वर्ष से नौकरी कर रहे हैं। पूरे सेवाकाल में उन्हें करीब 80 लाख रुपए वेतन के रूप में मिलने का अनुमान है। इसके मुकाबले जांच में करीब 2.53 करोड़ रुपए का खर्च सामने आया है। यह वैध आय से करीब 1.73 करोड़ रुपए ज्यादा और 216.35 प्रतिशत अनुपातहीन बताया गया है।

पत्नी के नाम दो बिल्डिंग : लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच में भावना पांडेय के नाम पर इंदौर के आनंद नगर एक्सटेंशन में एक इमारत मिली है। नवलखा-चितावद इलाके की इस बिल्डिंग में 40×50 फीट के प्लॉट पर G+3 भवन बना हुआ है। इसके निर्माण पर करीब 1.20 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।

इसी तरह गजाधर नगर, चितावद के गुलमोहर का बगीचा इलाके में भावना पांडेय के नाम G+2 बिल्डिंग मिली है। इसमें हॉस्टल चलने की जानकारी सामने आई है। इसके निर्माण पर करीब 91.50 लाख रुपए खर्च का अनुमान है। जांच में ARO जितेंद्र कुमार पांडेय की पत्नी, बेटे और बेटी के नाम कई चार पहिया और दोपहिया वाहन खरीदे जाने की जानकारी भी सामने आई है। इन पर करीब 14 लाख रुपए के खर्च का आकलन है। अधिकारियों के मुताबिक हालांकि अभी जांच चल रही है, पूरी जांच के बाद ही स्‍थिति स्‍पष्‍ट हो सकेगी और मामले का सत्‍यापन किया जा सकेगा।