
बीते कुछ दिनों में बैंगलूरू स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस अच्छी खबरों में नहीं रहा है। जिन खिलाड़ियों को फिटनेस सर्टिफिकेट बांटे जाते हैं वह मैदान पर आकर अनफिट हो जाते हैं। लेकिन 9 अगस्त को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने 2 साल पूरे किए और क्रिकेटर्स को दी जाने वाली तमाम सुविधाएं ही इसकी उपलब्धि है। इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में 3 बड़े क्रिकेट ग्राउंड है जिसमें अंतरराष्ट्रीय अभ्यास मैच हो चुके हैं। 40 नेट पिच और 33 सेंटर विकेट्स हैं। 8 लेन का इनडोर प्रेक्टिस एरिया है और 16 हजार Sq Ft का जिम है।इसका वीडियो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर अपलोड किया।
Two Impactful Years
Spread over 40 acres
3 full-sized cricket grounds
40 nets pitches and 33 centre wickets
3 different soil types
an 8-lane indoor practice area
a 16,000 sq. ft. High Performance Gym
and upskilling of professionalsCentre of Excellence -… pic.twitter.com/0L7KpY88kh
— BCCI (@BCCI) August 10, 2026
बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मीडिया से बातचीत में सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, ‘‘उन्होंने बीसीसीआई की शीर्ष परिषद के सभी सदस्यों को साथ लिया और दृढ़ निर्णय किया कि इस परिसर का निर्माण युद्धस्तर पर किया जाना चाहिए। हमें राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी की पुरानी और अस्थायी व्यवस्था से आगे बढ़ने की जरूरत थी।’’ काम शुरू करने के लिए जरूरी कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए शाह कई बार व्यक्तिगत रूप से यहां आए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब कोई बड़ी परियोजना शुरू करनी होती है तो कई नियमों का पालन करना पड़ता है। इसके अलावा जमीन को नियमित कराना भी जरूरी था। इन सभी कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए जय कई मौकों पर खुद यहां आए।’’ यह सबसे बड़ी चुनौती थी, क्योंकि 40 एकड़ की यह जमीन लंबे समय से खाली पड़ी थी और कई लोग इसे वापस लेना चाहते थे। इसलिए 14 फरवरी 2022 को काम शुरू होने से पहले हर चीज को मंजूरी दिलाना जरूरी था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ बदलाव का दौर चुनौतीपूर्ण था। उस समय रोजर बिन्नी अध्यक्ष थे और हमने वीवीएस लक्ष्मण की भी मदद ली, जो उस समय इस पूरी योजना का हिस्सा बन चुके थे।’’
लक्ष्मण ने भी उस लंबे सफर को याद किया, जिसके लिए वह हैदराबाद से बेंगलुरु आए थे। उन्होंने बताया कि 2021 में जय शाह और तत्कालीन बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने उनसे संपर्क किया था। उस समय राहुल द्रविड़ भारतीय टीम के मुख्य कोच बनने जा रहे थे और बोर्ड राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में निरंतरता बनाए रखना चाहता था।
लक्ष्मण ने कहा, ‘‘मेरे लिए यह कठिन फैसला था। लेकिन एक क्रिकेटर के तौर पर मेरा हमेशा मानना रहा है कि जिन पूर्व खिलाड़ियों को इस महान खेल से लाभ मिला है, उनकी जिम्मेदारी है कि वे खेल के लिए अपना योगदान वापस दें। इसी सोच के साथ मैं दिसंबर 2021 में बेंगलुरु आ गया।’’ पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने पूरी परियोजना के दौरान शाह के मार्गदर्शन को याद करते हुए कहा, ‘‘करीब दो साल के भीतर पूरा बुनियादी ढांचा तैयार होकर काम करने लगा। इसका बड़ा श्रेय जय शाह को जाता है। वह उस समय बीसीसीआई सचिव थे और मैंने खुद देखा कि वह आर्किटेक्ट और L&T की टीम के साथ होने वाली हमारी विभिन्न बैठकों में कितनी दिलचस्पी लेते थे। उनका प्रयास रहता था कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के हर पहलू का ध्यान रखा जाए।’’
लक्ष्मण ने कहा, ‘‘यह देखकर अच्छा लगता है कि जो दृष्टिकोण था, उसे हकीकत में बदला गया। मेरा मानना है कि सभी नेतृत्व करने वालों के पास विजन होता है, लेकिन वह विजन तभी सार्थक होता है जब उसे वास्तविकता में बदला जाए। हमने नवंबर 2024 में उस विजन को वास्तविकता के रूप में देखा।’

