दिल्ली में CJP प्रदर्शन के दौरान 6 दिन तक पथराव, 244 पुलिसकर्मी और 209 नागरिक घायल, रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

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कथित NEET-UG पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के सेंट्रल इलाके में कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान छह दिनों से अधिक समय तक अलग-अलग स्थानों पर पथराव की घटनाएं सामने आने का दावा किया गया है। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए संयम बरता और संवेदनशीलता को देखते हुए हालात को नियंत्रित किया।

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हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक खबर के मुताबिक संसद के आसपास करीब 2 किलोमीटर के दायरे में प्रदर्शन से जुड़े कई स्थानों को संवेदनशील बिंदु यानी फ्लैशपॉइंट के रूप में चिन्हित किया गया था। इन स्थानों में महत्वपूर्ण सड़कें और चौराहे शामिल थे।

संसद के आसपास इन जगहों पर हुई पथराव की घटनाएं

दस्तावेज के मुताबिक, जिन स्थानों पर पथराव की घटनाएं दर्ज की गईं, उनमें गोल डाक खाना, टॉल्स्टॉय-जनपथ क्रॉसिंग, रफी मार्ग पर रेल भवन के पास बैरिकेड, जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस स्थित LIC बिल्डिंग के पास आउटर सर्किल, टॉल्स्टॉय-संसद मार्ग कॉरिडोर के कई हिस्से, SBI बिल्डिंग के पास संसद मार्ग, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के पास रायसीना रोड और संसद मार्ग-टॉल्स्टॉय रोड की ओर रिगल बिल्डिंग क्षेत्र शामिल हैं। रफी मार्ग पर रेल भवन के पास स्थित बैरिकेड को संसद के सबसे नजदीक का घटनास्थल बताया गया है। अन्य स्थान संसद से करीब 0.8 से 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित थे।

 

25 जुलाई तक जारी रहा पथराव

सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद भी पथराव की घटनाएं जारी रहीं और 25 जुलाई तक स्थिति बनी रही। इसी दिन CJP ने सरकार की ओर से अपनी मांगें स्वीकार किए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा की थी। इनमें तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी शामिल थी। अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और इसे और अधिक हिंसक होने से रोकने का प्रयास किया।

सरकारी संपत्ति को भी नुकसान

प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान और कुछ सामान के गायब होने का भी उल्लेख है। इसके अनुसार, 110 बैरिकेड और 171 रस्सियां क्षतिग्रस्त हुईं या गायब मिलीं। इसके अलावा एक वायरलेस सेट, एक बॉडी-वॉर्न कैमरा, 10 हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD), दो पब्लिक एड्रेस सिस्टम, 15 लाउडहेलर, 10 अग्निशामक यंत्र, चार वायर कटर और एक एक्स-रे बैगेज स्कैनर के भी क्षतिग्रस्त या गायब होने की जानकारी दी गई है।

355 हेलमेट समेत सुरक्षा उपकरण क्षतिग्रस्त

 

प्रदर्शन के दौरान पुलिस के सुरक्षा उपकरणों को भी नुकसान पहुंचने की बात दस्तावेज में कही गई है। इसमें 355 हेलमेट, 285 बॉडी प्रोटेक्टर, 54 शील्ड, 10 टॉर्च, 24 फर्स्ट-एड बॉक्स और 12 कंबल क्षतिग्रस्त या गायब होने का उल्लेख है। दस्तावेज के अनुसार, 29 सरकारी वाहनों पर भी असर पड़ा। इनमें कार, बस, मोटरसाइकिल और टेंपो शामिल हैं। एक पानी का टैंकर, एक DTC बस और एक सार्वजनिक वाहन के क्षतिग्रस्त होने की भी जानकारी दी गई है।

 

244 पुलिसकर्मी और 209 नागरिक घायल

प्रदर्शन के दौरान 244 पुलिसकर्मियों और 209 नागरिकों के घायल होने की बात भी दस्तावेज में कही गई है। इन मामलों को मेडिको-लीगल केस (MLC) के तौर पर दर्ज किया गया। इनमें बार-बार दी गई चेतावनियां, बैरिकेड तोड़ना, वाहनों को नुकसान पहुंचाना और पुलिसकर्मियों तथा प्रेस के साथ कथित तौर पर लगातार अभद्र व्यवहार शामिल था।