
इन दिनों यूरोप भीषण हीटवेव (Heatwave) की चपेट में है। इसी बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट ने नई बहस छेड़ दी। अगर यूरोप और भारत दोनों जगह तापमान 43 डिग्री सेल्सियस है, तो फिर यूरोप में इतनी चिंता क्यों? भारत में तो कई शहरों में तापमान 48 डिग्री तक पहुंच जाता है। यह पोस्ट वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने अपने-अपने अनुभव शेयर किए। किसी ने यूरोप में एयर कंडीशनर (AC) और पंखों की कमी को वजह बताया तो किसी ने नमी (Humidity), इमारतों की बनावट और वहां की जलवायु को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।
ALSO READ: OnePlus Nord N6 5G लॉन्च, 19,999 रुपए में 8,000mAh बैटरी, 120Hz डिस्प्ले और 50MP कैमरा
एक्सपर्ट्स के मुताबिक सिर्फ थर्मामीटर पर दिखने वाला तापमान यह तय नहीं करता कि गर्मी कितनी महसूस होगी। इसके पीछे कई वैज्ञानिक कारण होते हैं।
ALSO READ: Electric Scooter खरीदने से पहले 14 जरूरी बातें जो आपके लिए जानना जरूरी
भारत और यूरोप की जलवायु में बड़ा अंतर
एक्सपर्ट्स के मुताबिक भारत के कई हिस्सों में हर साल लंबे समय तक भीषण गर्मी पड़ती है। ऐसे में यहां के लोग और उनका शरीर काफी हद तक इस मौसम के अनुरूप खुद को ढाल चुका है। इसके उलट यूरोप के अधिकांश देशों में पारंपरिक रूप से मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहता है। वहां अचानक आने वाली तेज गर्मी लोगों और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक हमारा शरीर पसीना निकालकर खुद को ठंडा करता है। लेकिन यदि हवा में नमी अधिक हो तो पसीना जल्दी नहीं सूखता और शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती।
यही वजह है कि 35 डिग्री सेल्सियस तापमान भी अधिक नमी वाले क्षेत्रों में 43 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा गर्म महसूस हो सकता है। इसी कारण मौसम विभाग अक्सर वास्तविक तापमान के साथ 'Feels Like Temperature' भी जारी करता है, जो शरीर पर पड़ने वाले वास्तविक गर्मी के असर को बेहतर तरीके से दर्शाता है।
घर की बनावट का असर
यूरोप के अधिकांश घर लंबे और ठंडे सर्द मौसम को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। इनमें मोटी दीवारें, बेहतर इंसुलेशन और अपेक्षाकृत छोटे खिड़की-दरवाजे होते हैं, जिससे गर्मी आसानी से बाहर नहीं निकलती। कई घरों में एयर कंडीशनर नहीं होते और प्राकृतिक वेंटिलेशन भी सीमित होता है। ऐसे में दिनभर की गर्मी रात तक घरों के अंदर बनी रहती है, जिससे लोगों को राहत नहीं मिलती। इसके विपरीत भारत में अधिकांश क्षेत्रों में गर्म मौसम को ध्यान में रखते हुए पंखे, कूलर और एयर कंडीशनर का इस्तेमाल अधिक आम है। Edited by : Sudhir Sharma

