माइक्रोसॉफ्ट के एक टेक कर्मचारी ने ‘डे इन माय लाइफ’ वाले लोकप्रिय ट्रेंड को एक नया मोड़ दिया है। उन्होंने एक ऐसा वीडियो शेयर किया है, जिसमें कॉर्पोरेट लाइफ की आम सुविधाओं या मौज-मस्ती के बजाय, उनके काम के रूटीन पर फोकस किया गया है। आमतौर पर ऑफिस की सुविधाओं, खाने-पीने के ब्रेक और मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियों को दिखाने वाली रील्स के उलट इस वीडियो में वे अपना ज्यादातर समय लैपटॉप के सामने काम करते हुए बिताते नजर आते हैं।
इस वीडियो को X (ट्विटर) पर @tQuietEngineer नाम के एक यूजर ने शेयर किया है। इसमें कर्मचारी के काम के शेड्यूल को दिखाया गया है, जो सुबह 8:55 बजे शुरू होकर शाम 6:38 बजे तक चलता है। वीडियो में कर्मचारी अपने वर्कस्टेशन पर काम करते हुए दिख रहे हैं, जिसमें न तो कोई ब्रेक नजर आता है और न ही कॉर्पोरेट लाइफस्टाइल से जुड़े वीडियो में आमतौर पर दिखने वाली कोई अन्य गतिविधि दिखाई देती है।
लोकप्रिय कंटेंट ट्रेंड पर तंज कसते हुए X (ट्विटर) यूजर ने वीडियो के कैप्शन में लिखा- “भाई ने देख लिया कि ‘डे इन द लाइफ’ इन्फ्लुएंसर्स के साथ क्या हुआ और एकदम उल्टा दांव खेल दिया… 0% लाइफस्टाइल, 100% स्क्रीन को घूरना। हमें उन लोगों की तारीफ करनी चाहिए जो आखिरकार दिखा रहे हैं कि एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की असल नौकरी कैसी होती है।”
इस पोस्ट ने जल्द ही लोगों का ध्यान खींचा। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस बात पर चर्चा की कि क्या यह वीडियो एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के आम दिन को सही ढंग से दिखाता है या नहीं। एक यूजर ने वीडियो की सच्चाई पर सवाल उठाते हुए लिखा- “हमें कैसे पता चलेगा कि यह सच है? हो सकता है कि वह बस 10 सेकंड के लिए वहां बैठा हो और स्क्रीन पर समय बदल दिया हो। अगर थोड़ी भी समझ होती तो वह लैपटॉप और स्क्रीन पर लाइव टाइम दिखाता।”
bro saw what happened to the “Day in the Life” influencers and pulled the ultimate Uno Reverse…
0% lifestyle, 100% staring at a screen we need to appreciate the people finally showing what an actual software engineering job looks like https://t.co/Wg6z3lXgka
— The Quiet Engineer (@tQuietEngineer) October 31, 2026
एक अन्य यूजर ने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की रोजमर्रा की चुनौतियों पर मजेदार कमेंट करते हुए कहा, “एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के जीवन का सबसे असली दिन वह होता है, जिसमें घंटों तक डीबगिंग चलती है, एक लाइन ठीक होती है और फिर इंसान सोचता है कि पूरा दिन कैसे बीत गया।”
एक यूजर ने मजाक में लिखा कि काम की जगह पर ऐसा वीडियो शेयर करने का क्या अंजाम हो सकता है— “HR ने मस्त वॉर्निंग मेल भेजा होगा।” वहीं एक अन्य व्यक्ति का मानना था कि यह क्लिप शायद पूरे दिन की रिकॉर्डिंग नहीं है। उसने लिखा- “उसने यह वीडियो 30 मिनट में रिकॉर्ड किया और इसे इस तरह एडिट किया कि लगे जैसे पूरा दिन बीत गया हो। हम बेवकूफ नहीं हैं। हमने दूसरा वीडियो भी देखा है, जिसमें वह बिल्कुल भी काम नहीं कर रहा था।”
कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि यह वीडियो उनके पिछले ‘वर्कप्लेस रील’ पर हुई ट्रोलिंग का जवाब था। आलोचना के बाद कमबैक की संभावना की ओर इशारा करते हुए एक यूज़र ने कमेंट किया- “भाई ने सबसे पहले ‘डे इन द लाइफ’ वीडियो बनाया था। उसने ट्रोलिंग के बाद यह वीडियो बनाया है।”
वहीं एक यूजर ने कंपनी के काम के माहौल की आलोचना करते हुए कहा- “माइक्रोसॉफ्ट का वर्क कल्चर तो बस एक मजाक है और बहुत ज्यादा ‘वोके’ (woke) है।”

