Urban Company Share Price : कमजोर नतीजों के बाद आज 8.75% टूटा शेयर, जानिए क्या है ब्रोकरेज की राय

Urban Company Share Price : दूसरी तिमाही में अर्बन कंपनी के नतीजे कमजोर रहे हैं। नतीजों के बाद शेयर में बड़ा एक्सिडेंट दिखा है। सोमवार को इंट्राडे में अर्बन कंपनी के शेयरों में लगभग 8% की भारी गिरावट आई। कंपनी द्वारा सितंबर तिमाही के कंसोलिडेटेड नेट लॉस में सालाना आधार पर बड़ी बढ़ोतरी की रिपोर्ट जारी करने के बाद यह शेयर दबाव में आ गया है। फिलहाल NSE पर अर्बन कंपनी के शेयर 13.82 रुपए यानी 8.74 फीसदी की गिरावट के साथ 144.30 रुपए पर दिख रहे हैं।

इस होम सर्विसेज प्लेटफॉर्म ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) में 182.48 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया है। जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह नुकसान 59.33 करोड़ रुपये था। इस अवधि में कंपनी की कामकाजी आय सालाना आधार पर 41.4% बढ़कर 537.29 करोड़ रुपये रही है, जो वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही (Q2 FY26) में 380.03 करोड़ रुपये थी। डिलीवर किए गए ऑर्डर्स की संख्या 15.1 मिलियन तक पहुंच गई, जो सालाना आधार पर 103% की बढ़त दिखाता है। जबकि नेट ट्रांजैक्शन वैल्यू (NTV) 39% बढ़कर 1,432 करोड़ रुपये हो गई।

एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज ने अर्बन कंपनी पर अपनी ‘बाय’ (खरीदने की) रेटिंग बरकरार रखी है और इसके टारगेट प्राइस को लगभग 5.3% बढ़ाकर 190 रुपये से 200 रुपये कर दिया है।

ब्रोकरेज का कहना है कि अर्बन कंपनी (UC) ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही (2QFY27) में अच्छा प्रदर्शन किया है। इसमें इंडिया कंज्यूमर सर्विसेज (इंस्टाहेल्प को छोड़कर) (ICS) का NTV, एक ऊंचे बेस के बावजूद, सालाना आधार पर 26.3% बढ़ा है, जबकि इंटरनेशनल NTV में सालाना आधार पर 66.9% की ग्रोथ हुई है। एमके ने आगे कहा कि UC के हर सेगमेंट में विकास की काफी संभावनाएं हैं, क्योंकि इनका लोकल नेटवर्क मजबूत है, कोर बिजनेस में इसका एकाधिकार (मोनोपोली) है और अन्य इंटरनेट कंपनियों की तुलना में इसका मार्जिन भी अधिक है।

जमकर कैश होने के बावजूद कंपनी क्यों जुटा रही है फंड?

स्नैबिट अब कंपनी का बड़ा कंपिटीटर बन रहा है। स्नैबिट भी अब तकरीबन अर्बन कंपनी जैसे ही आंकड़े डिलिवर कर रहा है। इसका मतलब है कि इस इंडस्ट्री में बड़ा कंपिटीशन होगा। इससे निपटने के लिए बोर्ड से इक्विटी के जरिए 2500 करोड़ रुपए जुटाने को मंजूरी दी है। इस बीच अर्बन कंपनी के मैनेजमेंट कमेंट्री में कहा गया है कि Q3FY28 में Adj. EBITDA के ब्रेकइवन की उम्मीद है। FY31 में Adj. EBITDA 1,000 करोड़ रुपए के पार जाना संभव है। बोर्ड से नई कैटेगरी रेसिडेंशियल एयर कंडिशनर्स को मंजूरी दी है।

कंपनी की फंड जुटाने की योजना पर बात करते हुए एमके (Emkay) ने कहा कि 25 अरब रुपये तक की यह फंड जुटाने की योजना कोर और नेटिव (Native) ग्रोत, इंस्टाहेल्प (InstaHelp) के ग्रोथ, और चुनिंदा अधिग्रहणों (acquisitions) में मदद करेगी।

ब्रोकरेज ने आगे कहा कि फंड जुटाने से निवेश क्षमता मजबूत होती है, हालांकि पूंजी का इस्तेमाल और इक्विटी डाइल्यूशन (dilution) ऐसे पहलू हैं जिनका वैल्युएशन के समय ध्यान रखना होगा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2028 की तीसरी तिमाही के लिए अपने कंसोलिडेटेड एडजस्टेड EBITDA ब्रेक-ईवन के अनुमान और वित्त वर्ष 2031 के लिए 10 अरब रुपये के लक्ष्य को बरकरार रखा है।

 

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