
शिवसेना (यूबीटी) में संभावित टूट और सांसदों की बगावत की चर्चाओं के बीच पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को बड़ा भावनात्मक बयान दिया। शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का उन पर भरोसा नहीं है, तो वह पद छोड़ने के लिए तैयार हैं। उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं चुनौतियों से भागने वालों में नहीं हूं, लेकिन अगर आपको मुझ पर भरोसा नहीं है तो मैं इस्तीफा देने को तैयार हूं।
बीजेपी पर साधा निशाना
उद्धव ठाकरे ने अपने संबोधन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उनकी पार्टी को खत्म करने की कोशिश कर रही है और देश को “एक पार्टी, बिना चुनाव” की दिशा में ले जाया जा रहा है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के पार्टी छोड़कर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का समर्थन करने की अटकलें तेज हैं। ये सभी सांसद स्थापना दिवस कार्यक्रम में भी अनुपस्थित रहे।
क्या कांग्रेस में करेंगे विलय
कांग्रेस में विलय की अटकलों को खारिज करते हुए उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट कहा कि शिवसेना मराठी मानुष के लिए बनाई गई पार्टी है और उसका किसी भी दल में विलय करने का कोई सवाल ही नहीं उठता। ठाकरे ने कह कि हमने अपनी आधी जिंदगी कांग्रेस के खिलाफ लड़ते हुए बिताई, लेकिन कांग्रेस ने कभी शिवसेना को खत्म करने की कोशिश नहीं की। भाजपा ऐसा करने की कोशिश कर रही है। यही दोनों दलों में अंतर है।
सांसदों के दल-बदल पर मांगी माफी
संभावित बगावत पर प्रतिक्रिया देते हुए उद्धव ठाकरे ने पार्टी समर्थकों और मतदाताओं से माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव में जिन सांसदों को जनता ने उनके और बालासाहेब ठाकरे के नाम पर वोट दिया था, उनमें से कुछ अब पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं।
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उन्होंने कहा, “मैं उन मतदाताओं से माफी मांगता हूं जिन्होंने 2024 में हमारे लोकसभा उम्मीदवारों को वोट दिया था और जो अब दल-बदल कर रहे हैं। लोगों ने हमें मेरे आह्वान और बालासाहेब ठाकरे के नाम पर वोट दिया था। हमने ये सीटें मोदी के नाम का इस्तेमाल किए बिना जीती थीं। Edited by : Sudhir Sharma

