
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकरों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने दक्षिण-पश्चिमी ईरान के कई ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की। ALSO READ: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच Hormuz में फिर टेंशन, 24 घंटे में 3 टैंकरों पर अटैक
अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार और शोक समारोह के बीच अमेरिका ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की। अमेरिकी सरकार ने ईरानी तेल कारोबार के लिए दी गई अस्थायी राहत भी वापस लेते हुए तेल निर्यात से जुड़ा लाइसेंस रद्द कर दिया।
ईरानी सरकारी मीडिया ने दक्षिणी ईरान में सिलसिलेवार धमाकों की खबर दी। दक्षिणी शहर सिरिक में सात धमाकों की आवाज सुनी गई। सिरिक के ताहेरुई पियर क्षेत्र में 6 मिसाइलें गिरने की खबर हैं। ईरान के प्रेस टीवी ने बताया कि धमाकों से हुए नुकसान या किसी के हताहत होने की तत्काल कोई जानकारी नहीं मिली है। दक्षिणी ईरान के केश्म द्वीप और बंदर अब्बास में भी धमाकों की आवाज सुनी गई।
होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान पर सैन्य हमले शुरू कर दिए हैं। वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों को अमेरिका ने युद्धविराम का उल्लंघन बताया है।
अमेरिका ने ईरान पर क्यों बरसाए बम?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, उसकी सेनाओं ने ईरान पर जोरदार हमले शुरू किए हैं। अमेरिका ने कहा कि ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तीन जहाजों पर हुए ईरानी हमलों के जवाब में हैं। अमेरिका ने ईरान के इस आक्रामक रवैये को अनुचित, खतरनाक और युद्धविराम का स्पष्ट उल्लंघन बताया है।
U.S. Central Command forces have begun launching a series of powerful strikes against Iran to impose heavy costs for targeting and attacking commercial shipping crewed by innocent civilians in an international waterway. The U.S. strikes are in response to Iranian attacks on three…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 7, 2026
ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का विदेश मंत्रालय, अमेरिका द्वारा समझौते का उल्लंघन किए जाने के नतीजों के बारे में चेतावनी देता है। ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए ज़रूरी कोई भी कदम उठाएगा।
अमेरिका की इस कार्रवाई से ईरान में कई लोगों के कई होने की खबर है। इससे दोनों देशों के बीच युद्धविराम संकट में पड़ता नजर आ रहा है।

