
52 सालों में विश्व कप में अपने अब तक के सबसे अच्छे प्रदर्शन के बाद, भारतीय महिला हॉकी टीम 20वें एशियाई खेल के लिए जापान पहुंच गई है। उसकी नजर यहां स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 में सीधे जगह बनाने पर है।कप्तान सलीमा टेटे और उनकी टीम की साथी खिलाड़ी मंगलवार को बेंगलुरु से आइची-नागोया के लिए रवाना हुईं। उन्हें उम्मीद है कि वे 2026 सीज़न के शानदार प्रदर्शन से मिले आत्मविश्वास को एशियन गेम्स में भी बरकरार रखेंगी।
एशियाई खेल का स्वर्ण पदक दिला देगा ओलंपिक का टिकट
ओलंपिक 2028 के लिए FIH के Qualification नियमों के अनुसार, एशियाई खेल में महिला हॉकी प्रतियोगिता में सबसे अच्छी रैंकिंग वाली योग्य टीम को ओलंपिक कोटा मिलेगा, बशर्ते उसने पहले ही किसी और तरीके से क्वालिफाई न किया हो।इसलिए भारत के लिए स्थिति साफ़ है। स्वर्ण पदक जीतें और लॉस एंजिल्स का टिकट पक्का करें। एशियाई खेल उस तरक्की की एक और परीक्षा होगी जो भारत ने इस साल की शुरुआत में स्योर्ड मारिजने के महिला टीम के साथ दोबारा जुड़ने के बाद की है।
जनवरी में मुख्य कोच नियुक्त किए गए मारिजने ने फिटनेस, टीम संयोजन और एक मजबूत सामूहिक पहचान बनाने पर बल दिया है।गौरतलब है कि पिछली बार टीम स्वर्ण पदक नहीं जी पाई थी और क्वालिफायर में जापान से हारकर पेरिस ओलंपिक से बाहर हो गई थी।
भारत के नतीजों में यह काम साफ तौर पर दिखा है। उन्होंने साल की शुरुआत हैदराबाद में हॉकी महिला विश्व कप क्वालिफायर में रजत पदक के साथ की। वे फाइनल तक अजेय रहे और इटली को सेमीफाइनल में 1-0 से हराकर विश्व कप में अपनी जगह पक्की की।

इसके बाद वे ऑकलैंड में नेशंस कप में भी अजेय रहे। भारत ने पूल स्टेज में अमेरिका, जापान और उरुग्वे को हराया, फिर सेमीफाइनल में चिली को 6-0 से बुरी तरह हराया और फाइनल में मेजबान न्यूजीलैंड को 2-0 से हराया। इस ख़िताब से भारत को अगले सीजन के लिए प्रो लीग में प्रमोशन भी मिला।
टीम ने उसी लय को विश्व कप में भी बनाए रखा, जहां वे पांचवें स्थान पर रहे। यह 1974 में हुए पहले टूर्नामेंट के बाद उनका सबसे अच्छा नतीजा था। भारत को सिर्फ़ एक हार मिली, जबकि उन्होंने बेहतर रैंकिंग वाली चीन, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के साथ मैच ड्रॉ खेले, दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराया जो विश्वकप में गोलों के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी जीत थी और विश्व नंबर 5 जर्मनी को 3-1 से हराकर अपने अभियान का समापन किया।
चक दे गर्ल्स को रखा गया है पूल बी में
इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट में, भारत को जापान, थाईलैंड, सिंगापुर, इंडोनेशिया और उज़्बेकिस्तान के साथ पूल बी में रखा गया है। वे 20 सितंबर को उज़्बेकिस्तान के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेंगे, इसके बाद 21 सितंबर को इंडोनेशिया, 23 सितंबर को थाईलैंड, 25 सितंबर को जापान और 27 सितंबर को सिंगापुर के खिलाफ़ मैच होंगे। नॉकआउट स्टेज 30 सितंबर से शुरू होगा और फाइनल दो अक्टूबर को खेला जाएगा।
टेटे, जिनकी कप्तानी में भारत ने इस साल नेशंस कप का खिताब जीता और विश्व कप में ऐतिहासिक रूप से पांचवां स्थान हासिल किया, ने कहा कि टीम को भरोसा है लेकिन वे आगे आने वाली चुनौती से भी वाकिफ़ हैं।इस टीम में सविता, नवनीत कौर, नेहा, निक्की प्रधान, लालरेम्सियामी और सुशीला चानू पुखरामबम जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ युवा खिलाड़ी भी शामिल हैं, जिन्होंने हाल के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में प्रभावित किया है।

एशियाई खेलों के लिए चुनी गई 20 सदस्यीय टीम में:–
2 गोलकीपर (सविता पुनिया, बिचू देवी खारीबाम)
5 डिफेंडर (इशिका चौधरी, सुशीला चानू पुखरामबम, लालथंतलुआंगी, ज्योति, शिल्पी डबास)
6 मिडफील्डर (निक्की प्रधान, साक्षी राणा, सुनेलिता टोप्पो, सलीमा टेटे (कप्तान), नेहा, दीपिका सोरेंग)
और
7 फ़ॉरवर्ड (लालरेम्सियामी, रुतुजा दादासो पिसाल, नवनीत कौर, दीपिका, इशिका, बलजीत कौर, ब्यूटी डुंगडुंग) शामिल हैं।

