
नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को बताया कि 275 भारतीय नागरिक अब भी लापता हैं, जबकि 166 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इसके अलावा 1,907 भारतीय नागरिक चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नियमित मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि भारत लगातार नेपाल सरकार के संपर्क में है और राहत एवं बचाव अभियान में हरसंभव मदद कर रहा है।
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275 भारतीय अब भी लापता
रणधीर जायसवाल ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार 275 भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं। उन्होंने कहा कि भारत इस मामले में नेपाल सरकार के साथ लगातार संपर्क में है और नेपाली अधिकारियों के राहत एवं बचाव प्रयासों की सराहना करता है। अब तक 166 भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है, जबकि 1,907 भारतीय नागरिक चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, चीन के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी में तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में कोई भी भारतीय यात्री फंसा हुआ नहीं है।
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नेपाल में 1,295 से ज्यादा लोगों की मौत
विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद नेपाल में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। नेपाली अधिकारियों के अनुसार, आपदा में मृतकों की संख्या कम से कम 1,295 तक पहुंच गई है। बचाव एवं राहत टीमों ने अब तक 12,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है, लेकिन करीब 5,000 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए विभिन्न एजेंसियों की टीमें लगातार सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
भारत ने नेपाल को भेजी 95 टन राहत सामग्री
भारत ने नेपाल में मानवीय सहायता भी तेज कर दी है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत अब तक सात विमानों के जरिए करीब 95 टन राहत सामग्री नेपाल भेज चुका है। इसके अलावा 54 भारतीय कर्मियों को भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग के लिए भेजा गया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि नेपाल सरकार की जरूरत के अनुसार भारत आगे भी राहत सामग्री और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराता रहेगा।
और राहत सामग्री भेजने की तैयारी
MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि आने वाले दिनों में नेपाल को अतिरिक्त फॉरेंसिक किट, बेली ब्रिज और अन्य जरूरी सामग्री भेजने की योजना है। भारत ने कहा है कि नेपाल सरकार की ओर से जिन चीजों की जरूरत बताई जाएगी, उनके आधार पर आगे भी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
26 अगस्त को आई थी विनाशकारी बाढ़
नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में यह आपदा 26 अगस्त को आई थी। अचानक आई बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए। आपदा के बाद नेपाल और अन्य एजेंसियां लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। वहीं, भारत भी अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने और नेपाल को मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रहा है।


