मध्य प्रदेश के विंध्य इलाके में स्थित नागौद रियासत। एक ऐसा राजघराना जिसका इतिहास सदियों पुराना है, जहां की सियासत और रसूख की गूंज भोपाल से लेकर दिल्ली तक सुनाई देती है। लेकिन एक ढलती शाम, इस आलीशान महल के बंद दरवाजों के पीछे जो स्क्रिप्ट लिखी गई, उसने पूरे सूबे को हिलाकर रख दिया।
यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि नागौद राजपरिवार के भीतर छिपे प्यार, धोखे, सौतन और बंदूक की वो सनसनीखेज दास्तान है, जिसने राजशाही वैभव को खून के छींटों से लाल कर दिया। महल के बाहर सब कुछ शांत और भव्य दिखता था, लेकिन भीतर एक ज्वालामुखी धधक रहा था। चूंकि मामला पूर्व मंत्री और कद्दावर विधायक नागेन्द्र सिंह के परिवार से जुड़ा था, इसलिए पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। लेकिन मीडिया के कैमरों से इस राजपरिवार की चारदीवारी में लगे खून के धब्बों को छुपाना नामुमकिन था।
दो पत्नियां और खून की होली : राजघराने की इस गढ़ी के भीतर करीब 8 साल से सुलग रही पारिवारिक कलह और व्यापारिक रंजिश ने ऐसा खूनी रूप अख्तियार किया कि लाठियां भी चलीं और बंदूकें भी गरजीं। दरअसल, रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा की शादी साल 2000 में योगिता सिंह से हुई थी, जिससे उनका 25 साल का एक बेटा भी है। लेकिन पिछले कुछ सालों से बाबा राजा का झुकाव उमरी गांव की रहने वाली सुनीता सिंह परिहार की तरफ हो गया, जिसे योगिता की मां अपनी बेटी की सौतन और 'रखी हुई' बता रही हैं।
सुनीता के साथ सतना में रहने लगे थे रूपेंद्र सिंह : रूपेंद्र सिंह उर्फ 'बाबा राजा' पूर्व मंत्री और बीजेपी विधायक नागेंद्र सिंह के भतीजे हैं। वे सुनीता सिंह के प्यार में दीवाने हो चुके थे। दोनों के इस प्रेम में पत्नी योगिता सिंह की रातों की नींद हराम हो गईं थी। आए दिन विवाद और इसे लेकर बहस से राज घराने की दीवारें कांपने लगी थीं। जब विवाद सिर के ऊपर से गुजरने लगा तो बाबा राजा ने राजघराने की गढ़ी छोड़ दी थी और वह सुनीता सिंह परिहार के साथ सतना में रहने लगे थे। दोनों ने मिलकर पेट्रोल पंप और रेस्टोरेंट का बिजनेस शुरू किया, लेकिन पैसों के लेन-देन और पेट्रोल पंप के मालिकाना हक को लेकर योगिता और सुनीता के बीच लगातार तकरार होती रही। जनवरी 2022 में जब बाबा राजा के पिता का निधन हुआ, तो विवाद और बढ़ा, जिसके बाद चाचा विधायक नागेंद्र सिंह ने योगिता और उनके बेटे को नागौद किले में शिफ्ट करा दिया था।
क्या हुआ था 11 जून को : 11 जून का दिन नागौद राज परिवार के लिए काला दिन साबित हुआ। दोपहर करीब 3:30 बजे योगिता सिंह अपनी मां नरेंद्र कुमारी और भाई के साथ गढ़ी में अपना पुराना सामान लेने पहुंची थीं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि वहां पहले से मौजूद सुनीता सिंह परिहार ने उनके साथ गाली-गलौज की और जब विरोध हुआ, तो खुद को एक कमरे के अंदर बंद कर अपनी 22 बोर की लाइसेंसी बंदूक से खिड़की के रास्ते अंधाधुंध 9 राउंड फायर झोंक दिए। इनमें से एक गोली योगिता सिंह के पेट में जा लगी।
गोली योगिता सिंह के पेट में लगी : सतना के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) प्रेम लाल कुर्वे के मुताबिक परसमनिया गढ़ी में रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा की पत्नी योगिता सिंह एवं दूसरी पत्नी सुनीता सिंह के बीच वाद-विवाद हुआ था, जिसमें सुनीता सिंह द्वारा फायरआर्म्स का इस्तेमाल किया गया। गोली योगिता सिंह के पेट में लगी है, जिन्हें गंभीर अवस्था में रीवा के विंध्या सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत अब स्थिर है।
संपत्ति विवाद भी एक एंगल : पुलिस ने आरोपी सुनीता सिंह को हिरासत में ले लिया है। साथ ही घटना में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी राइफल भी जब्त कर ली गई है। सतना के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रेम लाल कुर्वे ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह विवाद लंबे समय से चल रहा था और मामला संपत्ति या पारिवारिक कारणों से जुड़ा हो सकता है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
क्राइम सीन में तब्दील हुआ किला : नागौद का यह महल कभी अपने न्याय और ठाठ-बाठ के लिए जाना जाता था। लेकिन हवस, धोखे और 'सौतन' के चक्कर में शुरू हुई इस जंग ने इसे एक क्राइम सीन में तब्दील कर दिया। आज भी विंध्य की हवाओं में इस राजघराने के खूनी संघर्ष की दास्तान गूंजती है, जो यह याद दिलाती है कि जब हुकूमत और जज्बात का कॉकटेल बिगड़ता है, तो अंजाम सिर्फ और सिर्फ तबाही होता है।
Edited By: Naveen R Rangiyal
