
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को कांग्रेस कांग्रेस समिति की बैठक में मोदी सरकार पर लोकतंत्र को खोखला करने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रधाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि साजिश के साथ लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाये जा रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त मोदी सरकार की कठपुतली बन गया है। ALSO READ: CEC ज्ञानेश कुमार की मुश्किलें बढ़ीं: सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते करेगा याचिका पर सुनवाई, लगा एकतरफा फैसलों का आरोप
उन्होंने कहा कि फिर से कांग्रेस के कंधों पर अंग्रेजी राज की तरह ही भारत के लोकतंत्र और संविधान को बचाने की ऐतिहासिक जिम्मेवारी खड़ी है। अंग्रेजों से हमने वोट का हक छीनकर लिया था। आज उसी हक को बचाने के लिए फिर लड़ना पड़ रहा है। हमारे पुरखों ने जिस मजबूत लोकतंत्र की नींव अपने त्याग और बलिदानों से रखी थी, लोकतंत्र की उस नींव को मोदी सरकार ने 12 वर्षों में षड्यंत्रकारी तरीके से खोखला कर दिया है।
CEC पर देश कैसे भरोसा करें?
खरगे ने कहा कि संविधान सभा में हुई बहस में डॉ. अंबेडकर ने मताधिकार को लोकतंत्र की सर्वाधिक मौलिक चीज कहा था। बाबा साहेब ने कहा था, किसी अफसर की मर्जी से नाम नहीं कटेगा। आज अफसर BJP और मोदी सरकार के इशारे पर मनमर्जी से नाम काट रहे हैं। पंडित जवाहरलाल नेहरू जी और बाबा साहेब जानते थे कि बिना लोकतांत्रिक हिस्सेदारी के गरीब और वंचित लोगों की कोई सुनवाई नहीं होगी। इसीलिए उन्होंने भारत के हर adult citizen को वोट का अधिकार देने की जबरदस्त पैरवी की थी। लेकिन आज इसका उल्टा हो रहा है। रक्षक ही भक्षक बन गया है। संविधान ने जिसे पूरी ताकत दी, जनता के वोट का चौकीदार बनाया, वही वोटों का लुटेरा बन बैठा है। जिस मुख्य चुनाव आयुक्त पर उसके अपने साथी भरोसा न करें, उस पर देश कैसे भरोसा कर सकता है?
कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge का वक्तव्य:
आज की बैठक महत्वपूर्ण है। फिर से कांग्रेस के कंधों पर अंग्रेजी राज की तरह ही भारत के लोकतंत्र और संविधान को बचाने की ऐतिहासिक जिम्मेवारी खड़ी है। अंग्रेजों से हमने वोट का हक छीनकर लिया था। आज उसी… pic.twitter.com/OPkZ2bbHpf
— Congress (@INCIndia) September 29, 2026
GenZ से मोदी नाराज
कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार, दिसम्बर 1988 में इसी देश के प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी जी ने युवाओं को अधिकार दिलाने के लिए मताधिकार की उम्र 21 वर्ष से घटाकर 18 कर दी थी और एक प्रधानमंत्री मोदी जी हैं, जो GenZ से इतना नाराज हैं कि उन्होंने साजिशन युवाओं को मताधिकार से बेदखल करने की योजना बना डाली। चुपचाप फॉर्म 6 के नियमों में बदलाव करवा दिया। यह पूरी तरह से गैरकानूनी है।
उन्होंने कहा कि नौकरी तो दी नहीं, अब वोट का अधिकार भी नहीं देना चाहते हैं। नौजवान सवाल पूछेगा, उखाड़ फेंकेगा, इसका डर मन में बैठ गया है। लेकिन ये हक कोई खैरात में नहीं मिला है, लाखों लोगों ने इसके लिए कुर्बानियां दी हैं। मोदी-शाह जैसे लोग चाहे जितने भी षड्यंत्र कर लें, कांग्रेस उन्हें सफल नहीं होने देगी। ये लोकतंत्र, ये वोट का हक, ये हमारी विरासत है, जो खून-पसीने से सींची है। कोई तानाशाह उसे बर्बाद कर दे, ये हम होने नहीं देंगे। हमारी लड़ाई किसी दल, संस्था या व्यक्तियों के खिलाफ नहीं बल्कि भारत के मतदाताओं के अधिकारों, संविधान और भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने को लेकर है। ALSO READ: Delhi SIR : बेला एस्टेट में 727 नाम हटने का राहुल गांधी का दावा, EC पर उठाए सवाल
राहुल को दी बधाई
खरगे ने राहुल गांधी को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने सबसे पहले जिन-जिन बातों को उठाया, वे प्रामाणिक रूप से सही साबित हुए हैं। ये बात देश के लोग मान रहे हैं। राहुल ने महादेवपुरा, अलंद और हरियाणा-महाराष्ट्र के मामले में दस्तावेजों के साथ मतदाता आंकड़ों के आधार पर गंभीर सवाल उठाए था। डुप्लीकेट मतदाताओं, doubtful addresses, एक ही address पर बड़ी संख्या में मतदाताओं और Form-6 से जुड़ी एंट्री को लेकर उन्होंने जो तथ्य रखे थे, उस दिशा में चुनाव आयोग ने थोड़ी भी गंभीरता दिखाई होती तो आज वो कठघरे में नहीं होते और उनकी विश्वसनीयता बची रहती।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस देश की संस्थाओं को बनाया, उन्हें स्वतंत्र और अधिकार संपन्न बनाया, पर बहुत दुख के साथ कहना पड़्ता है कि आज वो सत्ता के आगे सिर झुकाए खड़ी है। BJP-RSS ये काम पूरी योजना के तहत कर रही है। हमारे सवाल इन संस्थाओं को कमजोर करने के इरादे से नहीं होते, हम तो चाहते हैं कि चुनाव आयोग इतना मजबूत और विश्वसनीय हो कि सत्ता पक्ष और विपक्ष – दोनों उसके निर्णयों पर समान भरोसा करें। ALSO READ: राहुल गांधी 1 अक्टूबर को आएंगे बालाघाट, आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में पीड़ित परिवारों से करेंगे मुलाकात
क्या सवाल पूछना गलत है?
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता लोकतंत्र की सुरक्षा की पहली शर्तों में से एक है। लेकिन क्या ये पूछना गलत है कि SIR का फैसला किसने लिया? क्या ये पूछना गलत है कि दो चुनाव आयुक्तों को Internal Portal से बाहर क्यों रखा गया? क्या कुछ गोपनीय चल रहा था?
क्या है कांग्रेस की 5 मांगे ?
उन्होंने कांग्रेस की 5 मांगे बताते हुए कहा कि मतदाता सूची में होने वाले हर बड़े बदलाव का पूरा डेटा सार्वजनिक हो। जिन वोटरों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें पूरी सूचना और अपील का अवसर मिले। राजनीतिक दलों को मतदाता सूची और उससे संबंधित आवश्यक डेटा simple format में समय पर उपलब्ध हो। जहां गंभीर विसंगतियों के प्रमाण सामने आएं, वहां स्वतंत्र और समयबद्ध जांच हो। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा और निर्णयों में खुद ऐसी पारदर्शिता हो कि किसी पक्ष को यह कहने का अवसर न मिले कि जानकारी छिपाई जा रही है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत के मतदाताओं को यह भरोसा होना चाहिए कि उनका वोट सुरक्षित है।
5 राज्यों के चुनाव पर नजर
खरगे ने कहा कि हमारे सामने पांच राज्यों के चुनाव हैं, इसलिए किसी मतदाता का हक न मारा जाए, ये देखना जरूरी है। हमें सुनिश्चित करना होगा कि हर व्यक्ति का वोट सुरक्षित हो, चुनाव निष्पक्ष हों, जिससे आम जनता का विश्वास भारत की चुनाव प्रक्रिया में बनी रहे। तभी भारत का भविष्य सुरक्षित रहेगा, लोकतंत्र फलता-फूलता रहेगा।


