LIVE: नेपाल बाढ़ तबाही में कितने देशों के लोग शामिल, कहां गए 750 लोग, क्या फिर आएगा तांडव?

LIVE: नेपाल बाढ़ तबाही में कितने देशों के लोग शामिल, कहां गए 750 लोग, क्या फिर आएगा तांडव?

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नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद 130 से ज्यादा भारतीय लापता हैं और कई दूसरे लोग फंस गए हैं। इनमें मानसरोवर यात्रा पर गए कई तीर्थयात्री भी शामिल हैं। काठमांडू में भारतीय दूतावास और तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों ने प्रभावित भारतीयों और उनके रिश्तेदारों के लिए हेल्पलाइन शुरू की हैं। सम्राट टूर्स एंड ट्रैवल एजेंसी ने कहा कि कम से कम 59 भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा के तीर्थयात्री थे। 

  

4.9 तीव्रता से आई भूकंप के कारण टूटा ग्लेशियर : नेपाल में आई इस विनाशकारी बाढ़ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की प्रमुख इकाई राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (NRSC) ने शुरुआती सैटेलाइट आधारित रिसर्च किया है। भारतीय और अंतरराष्ट्रीय उपग्रहों से प्राप्त तस्वीरों का उपयोग करते हुए वैज्ञानिकों ने तबाही के पैमाने का आकलन किया और उन घटनाओं को समझने की कोशिश की, जिनके कारण हाल के सालों में हिमालयी क्षेत्र की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में से एक सामने आई। वर्तमान में भारत के 56 उपग्रह पृथ्वी की कक्षा में सक्रिय हैं। NRSC के शुरुआती विश्लेषण के अनुसार, इस आपदा की शुरुआत तिब्बत के ऊंचे पर्वतीय क्षेत्र में हुई। वैज्ञानिकों का मानना है कि 4.9 तीव्रता के भूकंप ने संभवतः एक सर्क ग्लेशियर (Cirque Glacier) को प्रभावित किया, जिसके बाद उसका एक बड़ा हिस्सा ढह गया। इस घटना से बर्फ और चट्टानों का विशाल हिमस्खलन हुआ, जो तेजी से नीचे घाटी की ओर बढ़ा। जो भारी मात्रा में पानी, मिट्टी, चट्टानें और मलबा लेकर अचानक नीचे की ओर बहा. इससे त्रिशूली नदी में भीषण बाढ़ आई, जिसने व्यापक तबाही मचाई। सैटेलाइट इमेज की स्टडी कर रहे वैज्ञानिकों का मानना है कि सर्क ग्लेशियर का ढहना और उसके बाद हुआ आइस-रॉक एवलॉन्च इस आपदा की सबसे संभावित वजह है।

चीन में भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन शुरू की : चीन में भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर तिब्बत-नेपाल बॉर्डर के इलाकों में अचानक आई बाढ़ में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए मदद पाने के लिए संपर्क करने की जानकारी दी। तिब्बत से शुरू हुई जबरदस्त बाढ़ ने मध्य नेपाल में कई कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया, जरूरी पुल बहा दिए और एक दर्जन हाइड्रोपावर प्रोजेक्टों को ठप कर दिया। दूतावास ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों में हाल ही में आई बाढ़ को देखते हुए, आस-पास फंसे भारतीय नागरिक इन संपर्क बिंदुओं से मदद ले सकते हैं।” इसमें कहा गया है कि भारतीय नागरिक मौके पर मौजूद चीनी अधिकारियों से 0086 139 8999 0012 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। मिशन ने बताया कि वे बीजिंग में भारतीय दूतावास से 0086 185 1428 4905 नंबर पर और वाट्सऐप के जरिए और काठमांडू में भारतीय दूतावास से +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 नंबरों पर (इन दोनों पर WhatsApp के जरिए भी) संपर्क कर सकते हैं।