कच्चे तेल में उछाल के बीच मोदी सरकार का बड़ा फैसला, डीजल-ATF पर एक्सपोर्ट टैक्स बढ़ाया, पेट्रोल पर दी राहत

windfall tax

अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बीच मोदी सरकार ने पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में बड़ा बदलाव किया है। डीजल और जेट फ्यूल पर लगने वाले एक्सपोर्ट टैक्स को बढ़ा दिया गया है जबकि पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर लगने वाले टैक्स को कम किया गया है। ALSO READ: WhatsApp और Telegram के Username Feature पर सरकार सख्त, 20 दिनों में आ सकता है बड़ा फैसला

 

वित्त मंत्रालय की एक अधिसूचना के मुताबिक पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी 4 रुपए प्रति लीटर से घटाकर 2.5 रुपए प्रति लीटर कर दी गई है। डीजल के एक्सपोर्ट पर विंडफॉल टैक्स 8.5 रुपए प्रति लीटर से बढ़कर 15.5 रुपए प्रति लीटर हो गया। ATF के निर्यात पर लेवी 7.5 रुपए प्रति लीटर से बढ़ाकर 14.5 रुपए प्रति लीटर कर दी गई है।

 

ईरान के पास अमेरिकी नाकेबंदी से कच्चे तेल की कीमतों में काफी तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड 85.25 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 80.6 डॉलर प्रति बैरल है। इंडियन बास्केट में भी कच्चा तेल बढ़कर 82.69 डॉलर प्रति बैरल हो गया। ALSO READ: One Nation, One Election : एक देश-एक चुनाव पर बड़ा अपडेट, 2029 में साथ हो सकते हैं लोकसभा और विधानसभा चुनाव

 

क्यों लगाया विंडफॉल टैक्स?

एनर्जी कंपनियों के सामान्य से अधिक मुनाफे पर विंडफॉल टैक्स लगाया जाता है। पश्चिमी एशिया में चल रहे युद्ध के चलते घरेलू मार्केट में तेल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए पेट्रोलियम उत्पादों के एक्‍सपोर्ट पर विंडफाल टैक्स लगाया गया था। यह टैक्स इसलिए लगाया गया था ताकि डीजल और एटीएफ का निर्यात करने वाली कंपनियां घरेलू और विदेशी बाजारों में कीमतों में फर्क से अनुचित फायदा न उठा सके। तब से हर पखवाड़े इसकी समीक्षा की जा रही है।