हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

Liver Disease Symptoms

Liver Disease Symptoms: क्या आपने कभी अपनी हथेलियों के रंग या अपनी आंखों के सफेद हिस्से (स्केलेरा) पर बारीकी से गौर किया है? अक्सर हम हलकी लालिमा या आंखों के पीलेपन को थकान समझकर टाल देते हैं। लेकिन शरीर के ये छोटे-छोटे बदलाव असल में एक बहुत बड़ी चेतावनी हो सकते हैं।

 

इपोक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक हमारा लिवर (यकृत) एक ऐसा 'साइलेंट वॉरियर' है जो 80% तक डैमेज होने के बाद भी बिना कोई बड़ा लक्षण दिखाए चुपचाप काम करता रहता है। यही वजह है कि फैटी लिवर, हेपेटाइटिस और सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारियां शुरुआती दौर में बिल्कुल शांत रहती हैं। लेकिन अगर आप अपने हाथों और आंखों के संकेतों को पढ़ना सीख लें, तो लिवर की गंभीर बीमारी को समय रहते पकड़ा जा सकता है।

क्या आपके हाथ दे रहे हैं लिवर डैमेज का संकेत?

पारंपरिक चीनी चिकित्सा (TCM) में हाथों को शरीर के आंतरिक स्वास्थ्य का दर्पण माना जाता है। टीसीएम के अनुसार, हथेली के बीच में या अनामिका (Ring Finger) के नीचे की त्वचा का रंग गहरा या असामान्य होना शरीर में ऊर्जा (Qi) के खराब प्रवाह और लिवर की कमजोरी को दर्शाता है। वहीं, आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी इस बात की पुष्टि करता है। इसे मेडिकल भाषा में 'पामर एरीथेमा' (Palmar Erythema) या आम बोलचाल में 'लिवर पाम्स' (Liver Palms) कहा जाता है।

पामर एरीथेमा के मुख्य लक्षण

  • अंगूठे और कनिष्ठिका (Little Finger) के निचले हिस्से की गद्दीदार त्वचा पर गहरी लालिमा आ जाती है।
  • जब आप इस लाल हिस्से को दबाते हैं, तो यह कुछ पल के लिए सफेद हो जाता है और दबाव हटाते ही तुरंत फिर से लाल हो जाता है।
  • त्वचा पर लाल रंग के छोटे-छोटे धब्बे दिखाई देने लगते हैं, जिनसे बारीक खून की नसें मकड़ी के पैरों की तरह बाहर निकलती दिखती हैं।

दरअसल, जब लिवर कमजोर या बीमार होता है, तो वह शरीर में मौजूद एस्ट्रोजन हार्मोन को सही तरीके से मेटाबोलाइज (पचा) नहीं पाता। खून में एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ने के कारण त्वचा की छोटी रक्त वाहिकाएं (ब्लड वेसल्स) फैल जाती हैं, जिससे हथेलियों में लालिमा आ जाती है। एक शोध के अनुसार, लिवर सिरोसिस से पीड़ित लगभग दो-तिहाई (66%) मरीजों में यह लक्षण देखा जाता है। हालांकि हथेलियों का लाल होना गर्भावस्था, रूमेटाइड अर्थराइटिस, थायराइड या भारी कसरत के कारण भी हो सकता है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के खुद किसी नतीजे पर न पहुंचें।

Liver Disease Symptoms

चेहरा और आंखें : जब पीलापन बयां करे लिवर का दर्द

लिवर की सेहत का सीधा असर आपके चेहरे और आंखों की चमक पर पड़ता है। टीसीएम के अनुसार, जब लिवर की कार्यप्रणाली सुस्त पड़ती है, तो चेहरे की प्राकृतिक चमक गायब हो जाती है और रंगत बेजान या हल्की काली/धूसर होने लगती है। यह शरीर में रक्त और ऊर्जा के खराब सर्कुलेशन का नतीजा होता है।

  • आधुनिक विज्ञान में आंखों के सफेद हिस्से (Sclera) का पीला होना लिवर की बीमारी का सबसे पहला और स्पष्ट संकेत माना जाता है।
  • जब लिवर की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होती हैं या पित्त नली (Bile Duct) में कोई रुकावट आती है, तो शरीर में बिलीरुबिन (Bilirubin) नाम का पीला पिगमेंट जमा होने लगता है।
  • यह पीलापन त्वचा पर दिखने से पहले आंखों के सफेद हिस्से में दिखाई देता है। अक्सर लोग खुद को स्वस्थ महसूस करते हैं, लेकिन जब उनके दोस्त या परिवार वाले उनकी आंखों में पीलापन देखते हैं, तब जाकर बीमारी का पता चलता है।

मानसिक तनाव और लिवर का गहरा कनेक्शन

क्या गुस्सा और तनाव आपके लिवर को बीमार कर सकते हैं? पारंपरिक चिकित्सा मानती है कि अत्यधिक गुस्सा, चिंता और मानसिक तनाव लिवर की ऊर्जा (Qi) को अवरुद्ध कर देते हैं, जिससे पसलियों में दर्द, अपच, अनिद्रा और चिड़चिड़ापन होने लगता है।

 

हालांकि आधुनिक चिकित्सा सीधे तौर पर तनाव को सिरोसिस का कारण नहीं मानती, लेकिन शोध दर्शाते हैं कि क्रोनिक स्ट्रेस (लगातार तनाव) शरीर में सूजन बढ़ाता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है। तनाव के कारण लोग अक्सर ओवरईटिंग (ज्यादा खाना), शराब का अत्यधिक सेवन और खराब जीवनशैली अपना लेते हैं, जो सीधे तौर पर लिवर को तबाह कर देती है।

एक्यूप्रेशर: 'मड इन्फ्लेमेशन' (Mu Yan) पॉइंट से लिवर की देखभाल

  • तनाव और लिवर की सुस्ती को दूर करने के लिए पारंपरिक चिकित्सा में 'मड इन्फ्लेमेशन' (Wood Inflammation Points) पर दबाव बनाने की सलाह दी जाती है।
  • अपनी हथेली को ऊपर की ओर रखें। अनामिका उंगली (Ring Finger) के बीच वाले हिस्से (Second Segment) में छोटी उंगली की तरफ थोड़ा बगल में तीन बिंदु ऊपर से नीचे की तरफ होते हैं।
  • सुबह और शाम को 3 से 5 मिनट के लिए अपने अंगूठे से इन तीनों बिंदुओं पर हल्का दबाव दें। आप किसी पेन के पिछले गोल हिस्से से भी इन पर धीरे-धीरे रोल कर सकते हैं, जिससे हल्का मीठा दर्द महसूस हो।

क्या है लिवर-फ्रेंडली डाइट और किससे बचें? 

डाइटिशियन डोना चेन के अनुसार, लिवर एकमात्र ऐसा अंग है जो खुद को दोबारा ठीक (Regenerate) कर सकता है, बशर्ते उसे सही पोषक तत्व मिलें। लिवर को फैटी होने और सूजन से बचाने के लिए इन आदतों को अपनाएं-

  • फंगस या फफूंद (Mold) लगा हुआ पुराना खाना तुरंत फेंक दें।
  • डिब्बाबंद और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड, कृत्रिम चीनी और मीठे ड्रिंक्स से दूरी बनाएं।
  • ज्यादा वसायुक्त (फैटी) और सीधे आग पर झुलसाया हुआ भोजन न करें।
  • अत्यधिक शराब का सेवन न करें।

लिवर को सुरक्षित रखने के 4 नियम

  • थाली में अधिक से अधिक रंग-बिरंगे फल-सब्जियां और विटामिन B युक्त चीजें शामिल करें।
  • रोजाना योग, ध्यान, ताई-ची या कम से कम 30 मिनट वॉक करें।
  • यदि आपको डायबिटीज, मोटापा है या परिवार में लिवर की बीमारी का इतिहास है, तो नियमित रूप से LFT (लिवर फंक्शन टेस्ट) कराएं।
  • शराब और प्रोसेस्ड फूड के सेवन को बेहद सीमित या पूरी तरह बंद करें।