ईशा सिंह ने निशानेबाजी में फिर मनु भाकर को पीछे छोड़ जीता सिल्वर

हाल ही में संपन्न हुए ISSF World Cup  की तरह ही एशियन गेम्स में भी ईशा सिंह ओलंपिक डबल मेडलिस्ट मनु भाकर से 20 साबित हुईं और उन्होंने एशियाड में उनसे बेहतर प्रदर्शन किया। ईशा सिंह ने ISSF World Cup में स्वर्ण पदक जीता था और मनु भाकर ने कांस्य पदक लेकिन 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में इस बार ईशा सिंह तो रजत पदक जीत गई लेकिन मनु भाकर को खाली हाथ लौटना पड़ा।

हैदराबाद की 21 वर्षीय ईशा इस वर्ग की मौजूदा विश्व नंबर एक हैं। उन्होंने रजत की दौड़ में बने रहने के लिए तीन शूट-ऑफ जीते। इसके बाद स्वर्ण पदक के मुकाबले में उन्हें चीन की शियाओ जियारुईशुआन के साथ दो और Shoot-Off से गुजरना पड़ा।निर्धारित सीरीज के बाद दोनों के 38-38 अंक थे, लेकिन अंतिम निशाने में ईशा चूक गईं और उन्हें दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा।

उत्तर कोरिया की किम ह्योन सुक ने ईशा के खिलाफ शूट-ऑफ में हारने के बाद 34 अंक के साथ कांस्य पदक जीता।इससे पहले दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर इस स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहने के बाद एशियाई खेलों से पदक के बिना लौटेंगी। ईशा ने क्वालीफिकेशन में आठवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में पहुंचकर भारत की पदक उम्मीदें कायम रखीं।

मनु 579 अंक के साथ 11वें स्थान पर रहीं, जो फाइनल में पहुंचने के लिए पर्याप्त नहीं था। ईशा ने क्वालीफिकेशन में 580 अंक जुटाए थे।भारतीय महिला टीम भी पदक की दौड़ में थी, लेकिन अहम समय पर राही सरनोबत की एक चूक टीम पर भारी पड़ी।

Manu Bhakar

सरनोबत ने चौथी सीरीज (प्रत्येक सीरीज में पांच निशाने लगाने होते हैं) में 39 अंक का निराशाजनक स्कोर किया। इसके बाद भारत की पदक की उम्मीदें समाप्त हो गईं। सरनोबत 568 अंक के साथ 30वें स्थान पर रहीं।

जीत को बाद ईशा ने यह कहा

एशियाड में रजत पदक जीतने वाली ईशा ने कहा, ‘‘पिछली जीत के कारण मुझ पर काफी दबाव था। जब आप अपनी स्पर्धा में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो आपसे काफी उम्मीद की जाती है। मुझे खुशी है कि आज मैं इस दबाव को झेलने में सफल रही।’’