Asian Games 2026: खत्म हुआ 44 साल का इंतजार! हॉकी में चीन को हरा भारत की बेटियों ने जीता गोल्ड, ओलंपिक टिकट भी पक्का

भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। शुक्रवार, 2 अक्टूबर को खेले गए फाइनल में भारत ने चीन को 1-0 से हराकर खिताब जीता। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने महिला हॉकी में एशियन गेम्स के गोल्ड के लिए करीब चार दशक का इंतजार भी खत्म कर दिया। भारत ने इससे पहले 1982 में महिला हॉकी का गोल्ड मेडल जीता था। भारत ने 44 साल के पदक के सूखे को खत्म किया है। वहीं एशियन गेम्स में भारत के कुल पदकों की संख्या 76 हो गई है। इसमें 16 गोल्ड 25 सिल्वर और 35 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए है।

फाइनल में भारत से हारकर पेरिस ओलंपिक्स की सिल्वर मेडलिस्ट चीन को सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा। वहीं, ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में जापान ने दक्षिण कोरिया को शूटआउट में 4-2 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया।

एशियन गेम्स में भारत का प्रदर्शन

एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक्स के लिए भी अपनी जगह पक्की कर ली है। एशियन गेम्स में महिला हॉकी के इतिहास में भारत का ये दूसरा गोल्ड है। इससे पहले टीम ने 1982 में खिताब जीता था। इसके बाद भारत 1998 और 2018 में फाइनल तक पहुंचा, लेकिन दोनों मौकों पर उसे हार का सामना करना पड़ा था। 1998 में साउथ कोरिया और 2018 में जापान ने भारत को हराकर गोल्ड जीता था।

भारत की ओर से लालरेम्सियामी हमारजोटे ने पहले क्वार्टर में गोल करके टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद चीन ने बराबरी की कई कोशिशें कीं, लेकिन भारतीय डिफेंस ने हर हमले को रोक दिया।

देर से शुरू हुआ मुकाबला

भारत और चीन के बीच फाइनल मुकाबला तय समय से करीब एक घंटे देर से शुरू हुआ। दोनों टीमों की बसें रास्ते में हुए एक हादसे के कारण लगे ट्रैफिक जाम में फंस गई थीं, हालांकि इस घटना का दोनों टीमों से कोई संबंध नहीं था। मैच शुरू होते ही भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाया और चीन के दबाव का भी डटकर सामना किया। भारत को पहली बड़ी सफलता तब मिली, जब साक्षी राणा ने सर्कल के अंदर शानदार पास दिया और गेंद लालरेमसियामी हमारजोटे तक पहुंची, जिन्होंने मौके का फायदा उठाते हुए गोल कर दिया।

भारत ने चीन को दी मात

लालरेमसियामी ने मिले मौके को पूरी तरह भुनाया और दौड़ते हुए शानदार रिवर्स-स्टिक शॉट लगाकर गेंद को सीधे गोल के ऊपरी हिस्से में पहुंचा दिया। चीनी गोलकीपर के पास इस तेज शॉट को रोकने का कोई मौका नहीं था। शुरुआती समय में चीन के पास गेंद कुछ ज्यादा रही, लेकिन भारतीय टीम ने अपनी डिफेंस लाइन को मजबूत रखा और चीनी खिलाड़ियों को आसानी से गोल करने का मौका नहीं दिया। दूसरे क्वार्टर में गोलकीपर सविता पुनिया ने पेनल्टी स्ट्रोक बचाकर चीन को गोल करने से रोक दिया। मैच के बाकी समय में भी भारतीय खिलाड़ियों ने मजबूत डिफेंस दिखाया और अपनी बढ़त को कायम रखते हुए टीम को गोल्ड मेडल दिलाया।