ईरान के मिसाइल ठिकानों पर अमेरिकी हमला, तेहरान का पलटवार; मिडिल ईस्ट में युद्ध का खतरा बढ़ा

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US Iran Tension : अमेरिकी और ईरान के बीच तनाव उस समय बड़ गया जब अमेरिकी सेना ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण ठिकानों व तटीय रडार साइट्स पर हमले किए। यह कार्रवाई तब की गई, जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाया। बहरहाल इन 2 हमलों ने मीडिल ईस्ट में युद्ध के खतरे को और बढ़ा दिया है। ALSO READ: तेल निर्यात में राहत के बीच ट्रंप की चेतावनी, क्या मुश्किल में पड़ जाएगी US-Iran डील?

 

अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) ने कहा कि उसने ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण ठिकानों व तटीय रडार साइट्स पर हमले किए। अमेरिकी सेना के अनुसार, 25 जून को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में सिंगापुर के कार्गो शिप ‘एमवी एवर लवली’ पर ड्रोन हमला किया था।

 

क्या बोले जेडी वेंस?

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे और अमेरिका उसका पालन कर रहा है। अगर समझौते को लागू करने को लेकर ईरान को कोई आपत्ति है तो वह बातचीत कर सकता है, लेकिन हिंसा का जवाब हिंसा से दिया जाएगा। ALSO READ: Top News: वेनेजुएला में भूकंप से 920 मौतें, ईरान पर अमेरिकी हमला, हैदराबाद में ट्रंप एवेन्यू

 

ईरान का पलटवार

अमेरिकी हमले के बाद ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की नौसेना के हवाले से दावा किया कि उसने जवाब में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।

 

ईरान की संसद के सदस्य इब्राहिम अजीजी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, अमेरिका ने एक बार फिर बातचीत के बीच ईरान पर हमला किया है। युद्धविराम का यह उल्लंघन अमेरिका के लिए पीछे हटने और पछतावे की वजह बनेगा।

edited by : Nrapendra Gupta