
रूस-ईरान से तेल खरीद पर भारत समेत 5 देशों पर 100% टैरिफ का खतरा मंडरा रहा है। अमेरिकी सीनेट ने इस संबंध में बिल को मंजूरी दे दी है। अगर कांग्रेस से भी इस बिल को मंजूरी मिल जाती है तो इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के बाद अमेरिका रूस-ईरान से तेल खरीद पर भारत पर 100% टैरिफ का रास्ता साफ हो जाएगा। ALSO READ: क्या भारत-बांग्लादेश संबंधों में रोड़ा बन रही हैं शेख हसीना?
अमेरिकी सीनेट ने 86-11 के बहुमत से भारत समेत 5 देशों पर 100% तक का टैरिफ लगाने वाला बिल पास कर दिया है। बिल के मुताबिक भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान पर 100% टैरिफ लगाया जा सकता है। बिल पास होने के बाद इन देशों का रूस से तेल खरीदना मुश्किल हो जाएगा।
रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों पार्टियों के समर्थन से लाए गए इस बिल का मकसद रूस और ईरान पर दबाव बढ़ाना है। बिल के शुरुआती मसौदे में 500% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव था, लेकिन बाद में इसे घटाकर 100% कर दिया गया। ALSO READ: वॉशिंगटन के आसमान में बड़ा हादसा टला? ट्रंप के मरीन वन हेलिकॉप्टर के बेहद करीब पहुंचा यात्री विमान, जांच शुरू
अगर यह कानून बन जाता है तो 1996 का ‘ईरान प्रतिबंध कानून’ 2031 तक बढ़ जाएगा। यह कानून उन गैर-अमेरिकी कंपनियों पर पाबंदी लगाता है जो ईरान के साथ व्यापार करती हैं। यह कानून इसी साल खत्म होने वाला था।
रूस से कितना तेल आयात करता है भारत?
गौरतलब है कि भारत यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से ही रूस से प्रतिदिन 20 लाख बैरल से ज्यादा कच्चे तेल का आयात कर रहा है। ईरान युद्ध छिड़ने के बाद भारत रूस से गैस का भी आयात कर रहा है।

