अमेरिकी कोर्ट का बड़ा फैसला, गौतम अडानी के खिलाफ सभी आपराधिक आरोप हुए खारिज

gautam adani us court dismisses bribery fraud charges

अमेरिकी अदालत ने मंगलवार को भारतीय अरबपति और एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति गौतम अडानी को राहत देते हुए उनके खिलाफ सभी आपराधिक आरोप खारिज कर दिए। यह कदम जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा धोखाधड़ी और रिश्वतखोरी का मामला वापस लेने का फैसला करने के बाद उठाया गया। ALSO READ: इस्लामी नाटो : क्या मोदी-नेतान्याहू की नजदीकियों का जवाब देने के लिए साथ आए पाक, सऊदी और तुर्की?

 

ब्रुकलिन स्थित अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज निकोलस गैराफिस ने फेडरल प्रॉसिक्यूटर्स की ओर से मामला खारिज करने की दुर्लभ अपील को मंजूरी दी। अदालत ने ये भी स्पष्ट किया कि केस खारिज करने के बदले किसी प्रकार का कोई सौदा नहीं हुआ।

 

हालांकि, जज ने न्याय विभाग से इस मामले को बंद करने की वजह भी पूछी थी। उन्होंने गौतम अडानी से भी ये स्पष्ट कराया कि क्या केस खत्म करने के बदले किसी तरह का कोई वादा किया गया था। इसके बाद ही अदालत ने औपचारिक रूप से मामला खारिज किया।

 

क्या था अडानी पर आरोप?

2024 में अडानी पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने पर सहमति जताई थी ताकि उनके अडानी ग्रुप की एक सब्सिडियरी कंपनी को सोलर एनर्जी प्लांट बनाने की मंजूरी मिल सके, और फिर अपनी कंपनी की भ्रष्टाचार-रोधी नीतियों के बारे में भरोसा दिलाने वाली जानकारी देकर अमेरिकी निवेशकों को गुमराह किया गया था। हालांकि अडानी ग्रुप ने हमेशा गलत काम करने से इनकार किया है। 18 मई को जस्टिस डिपार्टमेंट ने घोषणा की कि वह अब इस मामले को आगे नहीं बढ़ाएगा। ALSO READ: Colombia Earthquake: 7.4 तीव्रता के भूकंप से दहला कोलंबिया, 132 से ज्यादा मौतें; आपातकाल का एलान
 

फैसले पर क्या बोले गौतम अडानी?

अरबपति गौतम अडानी ने मंगलवार को अपने खिलाफ आपराधिक आरोप खारिज करने के अमेरिकी अदालत के फैसले का स्वागत किया और कहा कि कानूनी लड़ाई के दौरान “सच्चाई, निष्पक्षता और कानून के शासन” में उनका भरोसा अटूट रहा।

उन्होंने X पर अपनी पोस्ट में कहा कि मैं अमेरिकी अदालत के फैसले का विनम्रता और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति गहरे सम्मान के साथ स्वागत करता हूं। इस मुश्किल दौर में भी सच्चाई, निष्पक्षता और कानून के शासन में हमारा भरोसा अडिग रहा। उन्होंने उन लोगों का भी शुक्रिया अदा किया जिन्होंने उनके ग्रुप, कानूनी सिस्टम और भारत की न्याय दिलाने की क्षमता पर भरोसा बनाए रखा। हम जरूरी काम करते रहेंगे: अपने देश के लिए निर्माण करना, ऐसी वैल्यू बनाना जो हमारे बाद भी बनी रहे और खुद से बढ़कर किसी मकसद के लिए काम करना। यही हमारा कमिटमेंट है। जय हिंद।