आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, उम्र और बीमारी का हवाला भी नहीं आया काम, जमानत से इनकार

Asaram

नाबालिग के साथ बलात्कार करने के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राहत देने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि इस समय उनको जमानत नहीं दी जा सकती है। कोर्ट ने राजस्थान सरकार को नोटिस जारी उनसे 2 हफ्ते में इस संबंध में जवाब मांगा है। ALSO READ: राम मंदिर चढ़ावा चोरी, पूछताछ में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने मानी गलती

 

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की बेंच आसाराम की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि आसाराम का प्रभाव काफी बड़ा माना जाता है, इसलिए जमानत पर फैसला लेने से पहले सभी पहलुओं पर ध्यान देना जरूरी है।

 

क्या था आसाराम के वकील का तर्क

सुनवाई के दौरान आसाराम की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता डी.एस. नायडू ने कहा कि आसाराम की उम्र 80 वर्ष से अधिक है और वह कई बीमारियों से पीड़ित हैं। इस पर अदालत ने कहा कि केवल उम्र या बीमारी के आधार पर फिलहाल जमानत नहीं दी जा सकती। 

 

कब मिलेगी जमानत?

अदालत ने कहा कि हम सजा निलंबित करने पर विचार नहीं कर रहे हैं। निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को जेल में दी जा रहीं मेडिकल सेवाएं जारी रखी जाएं। जमानत देने पर तभी विचार किया जाएगा, जब कोई गंभीर स्वास्थ्य स्थिति हो। अदालत के इस रुख को आसाराम के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। ALSO READ: राम मंदिर चढ़ावा विवाद में योगी का बड़ा दांव! क्या संघ और भाजपा के भीतर बदल रहे हैं शक्ति समीकरण?

 

गौरतलब है कि आसाराम ने 2013 में एक नाबालिग के साथ रेप के मामले में दोषी ठहराए जाने और उम्रकैद की सजा मुकर्रर करने वाले राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। उन्होंने खराब सेहत का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की भी मांग की है।

edited by : Nrapendra Gupta