कोलकाता में निर्माणाधीन तीन मंजिला गोदाम ढहा, कई मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार दोपहर एक निर्माणाधीन तीन मंजिला गोदाम अचानक ढह गया। हादसे के समय वहां कई मजदूर काम कर रहे थे, जिसके चलते दर्जनों लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और बचाव एजेंसियां युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। मीडिया खबरों के मुताबिक घटना में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। 50 से 55 लोगों के दबे होने की आशंका है। मलबे में दबे 13 लोगों का रेस्क्यू कर बाहर निकाला जा चुका है। इनमें से 9 घायलों को इलाज के लिए एसएसकेएम अस्पताल के ट्रॉमा केयर सेंटर में भर्ती कराया गया है।

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कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हादसे के बाद अब तक 10 लोगों को सुरक्षित निकालकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारी के अनुसार, तारातला क्षेत्र में ब्रेस ब्रिज के पास ट्रांसपोर्ट डिपो रोड स्थित गोदाम की छत दोपहर के आसपास अचानक भरभराकर गिर गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हादसे के समय कई मजदूर निर्माण कार्य में लगे हुए थे।

 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निर्माण के दौरान लोहे की बड़ी-बड़ी बीम और कंक्रीट के हिस्से अचानक गिर पड़े। मलबे में फंसे लोगों की मदद के लिए पुकारें भी सुनाई दे रही थीं। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि भूतल पर निर्माण कार्य चल रहा था, जबकि पहली और दूसरी मंजिल का आरसीसी ढांचा पहले ही तैयार हो चुका था। अचानक पूरा ढांचा ढह गया और मलबे में तब्दील हो गया।

 

अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने दावा किया कि छत ढलाई (कास्टिंग) के दौरान गिरी और निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल की आशंका है। हालांकि इसकी आधिकारिक जांच अभी बाकी है। घटना के बाद कोलकाता पुलिस, डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप, सिविल डिफेंस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज की टीमें राहत कार्य में जुट गईं। सेना के जवान भी बचाव अभियान में सहयोग कर रहे हैं। मलबा हटाने के लिए क्रेन, भारी मशीनों और गैस कटर का इस्तेमाल किया जा रहा है।

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बचाव दल के सदस्य मलबे के नीचे से आ रही आवाजों के आधार पर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए वर्टिकल ड्रिलिंग तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है। हादसे के बाद राज्य सरकार ने सचिवालय में डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप के कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए हैं। वहीं, स्थानीय लोगों ने इलाके में लंबे समय से अवैध निर्माण गतिविधियां चलने का आरोप लगाया है।

 

मंत्री इंद्रनील खान ने कहा कि हादसे के कारणों और किसी भी प्रकार की अनियमितता की जांच की जाएगी, लेकिन फिलहाल प्राथमिकता अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालना है। शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल और कोलकाता नगर निगम की आयुक्त स्मिता पांडे ने भी घटनास्थल का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया। Edited by : Sudhir Sharma