Story for Kids: बच्चों के लिए कल्पनाशील कहानी: आइसक्रीम वाला पहाड़ और पिघलती खुशियां

A lovely story for children to enjoy a cool summer afternoon, with an ice cream mountain as the image caption

Mountain with Ice Cream: यहां बच्चों के लिए एक बेहद कल्पनाशील और प्यारी कहानी है, जो गर्मी की दोपहर में उन्हें ठंडी ताजगी का एहसास कराएगी।

 

टिल्लू के गांव 'धूपपुर' में इस बार इतनी गर्मी थी कि सूरज दादा हटने का नाम ही नहीं ले रहे थे। सड़कें तवे जैसी गरम थीं और कूलर भी गर्म हवा फेंक रहे थे। टिल्लू रात को छत पर लेटा तारों को देख रहा था और सोच रहा था- 'काश! कहीं से ढेर सारी बर्फ मिल जाए।'

 

अचानक हुआ चमत्कार

अगली सुबह जब टिल्लू की आंख खुली, तो उसने अपनी खिड़की के बाहर कुछ अजीब देखा। पूरा गांव सफेद चमक रहा था। टिल्लू भागा-भागा बाहर आया और उसकी आंखें फटी की फटी रह गईं।

 

गांव के मैदान में एक विशाल 'आइसक्रीम का पहाड़' खड़ा था! वह पहाड़ तीन परतों वाला था- सबसे नीचे गुलाबी स्ट्रॉबेरी, बीच में सफेद वैनिला और सबसे ऊपर चॉकलेट की चोटी। उस पर चेरी के बड़े-बड़े पत्थर लगे थे और चॉकलेट सिरप की नदियां बह रही थीं।

 

गांव में जश्न

पूरे गांव के बच्चे- चुन्नू, मुन्नी, गोलू और पिंकी- अपनी-अपनी कटोरियां और चम्मच लेकर पहाड़ की ओर भागे। टिल्लू ने चिल्लाकर कहा, 'रुको दोस्तों! यह पहाड़ जादुई है, चलो इसका आनंद लेते हैं!'

 

सबने मिलकर खूब आइसक्रीम खाई। किसी ने चॉकलेट वाली चोटी पर चढ़कर 'स्लाइड' किया, तो किसी ने स्ट्रॉबेरी वाली घाटी में लुका-छिपी खेली। गर्मी का नामो-निशान मिट गया था।

 

पिघलती खुशियां और एक बड़ी मुश्किल

जैसे-जैसे दोपहर हुई, सूरज दादा और तेज चमकने लगे। तभी टिल्लू ने देखा कि पहाड़ के किनारे से चॉकलेट की 'बाढ़' आने लगी है। पहाड़ पिघल रहा था!

 

मुन्नी उदास होकर बोली, 'टिल्लू, अगर यह पिघल गया तो हमारी खुशियां भी पानी बन जाएंगी।'

 

टिल्लू ने हार नहीं मानी। उसने अपनी 'बाल सेना' को इकट्ठा किया और एक प्लान बनाया। उसने कहा, 'इसे पिघलने से तो हम नहीं रोक सकते, लेकिन हम इसे बर्बाद होने से बचा सकते हैं!'

 

टिल्लू का मास्टर प्लान

गांव के हर घर से बड़े-बड़े मटके, बाल्टियां और डिब्बे मंगवाए गए।

 

बच्चों ने मिलकर पिघलती हुई आइसक्रीम को डिब्बों में भरना शुरू किया।

 

जो आइसक्रीम ज्यादा पिघल गई थी, उसे पास के सूखे तालाब की ओर मोड़ दिया गया।

 

देखते ही देखते, पूरा तालाब 'आइसक्रीम शेक' की झील बन गया! टिल्लू ने गांव के उन बुजुर्गों और बीमार लोगों के घर तक आइसक्रीम पहुंचाई जो धूप में बाहर नहीं आ सकते थे।

 

एक मीठी याद

शाम होते-होते पहाड़ छोटा हो गया, लेकिन गांव का हर बच्चा और हर जानवर खुश था। गर्मी अब डरावनी नहीं लग रही थी क्योंकि सबके पास 'आइसक्रीम का स्टॉक' था।

 

सूरज ढलते समय ऐसा लगा जैसे वह भी मुस्कुरा रहा हो। टिल्लू समझ गया कि खुशियां चाहें कितनी भी जल्दी क्यों न पिघल रही हों, अगर उन्हें दूसरों के साथ बांट लिया जाए, तो उनका स्वाद हमेशा के लिए यादगार बन जाता है।

 

इस कहानी से बच्चों को क्या सीख मिलेगी?

शेयरिंग (बांटना): अकेले मजे लेने के बजाय सबके साथ खुशियां बांटना ज्यादा बेहतर होता है।

 

मुसीबत में समझदारी: जब चीजें खराब हो रही हों (पहाड़ पिघल रहा हो), तो रोने के बजाय समाधान ढूंढना चाहिए।

 

एकता: साथ मिलकर काम करने से बड़ी से बड़ी मुश्किल आसान हो जाती है।

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