सेंसेक्स 1274 अंक उछला, फिर भी IT शेयरों ने बढ़ाई टेंशन! अगले हफ्ते बाजार में क्या होगा?

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Share Market Weekly Review : भारतीय शेयर बाजार के लिए जून का तीसरा हफ्ता भी भारी उठापटक वाला रहा। अमेरिका ईरान पीस डील की वजह से 4 दिन बाजार हरे निशान में रहा तो आईटी शेयरों में भारी गिरावट के चलते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार लाल निशान में बंद हुआ। इस हफ्ते सेंसेक्स में 1274 अंकों का उछाल आया तो निफ्टी भी 390 अंक बढ़ा। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा आने वाला सप्ताह।

 

कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स 736 अंक की बढ़त के साथ 76264 पर और निफ्टी 231 अंक बढ़कर 23854 पर बंद हुआ। मंगलवार को सेंसेक्स 544 अंक बढ़कर के साथ 76808 पर पहुंच गया और निफ्टी भी 135 अंक की तेजी के साथ 24,000 के करीब बंद हुआ। बुधवार को सेंसेक्स 347 अंक तेजी के साथ 77,000 के पार हो गया। निफ्टी भी 97 की बढ़कर के साथ 24,086 अंक पर बंद हुआ।

 

गुरुवार को सेंसेक्स 254 अंक बढ़कर 77410 पर और निफ्टी 82 अंक की बढ़त के साथ 24168 पर बंद हुआ। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स में 607 अंकों की गिरावट, 76,803 पर बंद हुआ। निफ्टी 155 अंक गिरकर 24,013 पर था। ALSO READ: Share Bazaar में भारी गिरावट, Sensex 607 अंक लुढ़का, Nifty भी टूटा, IT शेयरों में बिकवाली का दिखा असर

 

इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल

अमेरिका ईरान डील से शेयर बाजार में दिखा उत्साह। हालांकि थोक मुद्रास्फिति की दर बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार में मुनाफा वसूली को भी बढ़ावा दिया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने नीतिगत ब्याज दरों को बिना किसी बदलाव के 3.50% से 3.75% पर स्थिर रखा। दिग्गज आईटी कंपनी एक्सेंचर के शेयरों में 20% की भारी गिरावट ने आईटी सेक्टर को हिला कर रख दिया है। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार में जमकर मुनाफा वसूली हुई। एनएसई पर आईटी इंडेक्स में करीब 6 फीसदी की गिरावट आई। बाजार में 4 दिन भले ही बाजार हरे निशान में रहा लेकिन उसे अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शुरू होने का ज्यादा फायदा नहीं मिला।

 

IT शेयरों का बुरा हाल

भारतीय शेयर बाजार में इस हफ्ते में आईटी शेयरों में भारी गिरावट का दौर जारी रहा। मार्केट एक्सपर्ट योगेश बागौरा के अनुसार, इंफोसिस और टीसीएस के शेयर 2020 के स्तर पर ट्रेड कर रहे हैं। अगर इंडस्ट्री ड्राप डाउन होती है तो करीब 80 लाख लोगों पर इसका सीधा असर होगा। ALSO READ: जियो आईपीओ का इंतजार खत्म, 27 करोड़ शेयरों तक का फ्रेश इश्यू लाएगी कंपनी

 

2 बड़े IPO की तैयारी

NSE और रिलायंस जियो देश में 2 बड़े आईपीओ की तैयारी में जुट गए हैं। जियो 37,700 करोड़ का आईपीओ लाएगा तो NSE का आईपीओ भी 30,000 करोड़ का होगा। दोनों ही कंपनियों ने सेबी के पास दस्तावेज जमा करा दिए हैं। बहरहाल निवेशकों को दोनों ही आईपीओ का इंतजार है। ALSO READ: 30,000 करोड़ का NSE IPO! टूट सकता है LIC और Hyundai का रिकॉर्ड, जानिए कौन बेच रहा है सबसे ज्यादा शेयर

 

सिक्योरिटीज ट्रांसफर नियमों में बड़ा बदलाव

शेयर मार्केट रेगुलेटर SEBI ने सिक्योरिटीज (शेयर और म्युचअल फंड्स) के ट्रांसफर से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इससे कानूनी वारिसों के लिए अपने मृत माता-पिता या सगे-संबधियों के शेयर, म्यूचुअल फंड का क्लेम करना आसान हो जाएगा। इन बदलावों का मकसद कागजी कार्रवाई को कम करना, पैसे बचाना और किसी तरह की रुकावट को कम करना है।

 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

शेयर बाजार विशेषज्ञ योगेश बागौरा ने कहा कि युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है। बातचीत के लिए 60 दिन का समय लिया गया है। इस वजह से बाजार में अनिश्चितता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। अमेरिकी शेयर बाजार ऑल टाइम हाई है, इस वजह से वहां मुनाफा वसूली हो सकती है। इसका असर भारत में भी पड़ सकता है। IT सेक्टर के शेयरों में गिरावट का दौर जारी रहने की आशंका है। बाजार में अभी भी 24400 की रेंज बनी हुई है। इसके ऊपर क्लोजिंग होने पर ही बाजार में तेजी की नई धारणा बनेगी। 23700 के नीचे क्लोजिंग होने पर निफ्टी 23200 तक आ सकता है।

 

अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।