PNB Bank Scam: पीएनबी की ग्रेटर नोएडा शाखा में 10.2 करोड़ का घोटाला! सीबीआई ने बैंक कर्मचारी समेत 2 को पुणे से किया गिरफ्तार

PNB Bank Scam: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की ग्रेटर नोएडा स्थित पाई सेक्टर शाखा में 10.24 करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी मामले में बैंक की एक ऑफिस असिस्टेंट और पुणे से एक खाताधारक को गिरफ्तार किया है। कर्मचारी की पहचान दीपांशी के रूप में हुई है, जो ऑफिस असिस्टेंट/सब-स्टाफ के पद पर काम करती थी। बैंक की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में उसका नाम शामिल था। इस मामले में गिरफ्तार होने वाली वह बैंक की पहली कर्मचारी है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने 29 अक्टूबर को विभिन्न ग्राहक खातों से 10.24 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले में एक FIR दर्ज की थी, जिसे कथित तौर पर आरोपी दीपांशी ने निकाल लिया था।

एजेंसी का आरोप है कि उसने एक खाताधारक आशुतोष कुमार पाठक और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के साथ मिलीभगत और साजिश करके ये अवैध लेनदेन किए। पीटीआई के मुताबिक एक सीबीआई प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, “पुणे (महाराष्ट्र) की सीबीआई मामलों की विशेष अदालत से आरोपी निजी व्यक्ति के संबंध में ट्रांजिट रिमांड का आदेश प्राप्त कर लिया गया है।” अपनी FIR में सीबीआई ने आपराधिक साजिश, विश्वासघात, धोखाधड़ी, खातों में हेराफेरी और लोक सेवकों द्वारा आपराधिक कदाचार से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दीपांशी, पाठक तथा अज्ञात सरकारी और निजी व्यक्तियों को आरोपी बनाया है।

इस FIR में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धाराएं भी शामिल हैं। पीएनबी ने अपनी शिकायत में कहा है कि यह कथित धोखाधड़ी तब सामने आई जब 16 सितंबर को एक खाताधारक ने अपने खाते में तीन संदिग्ध लेनदेन के संबंध में शाखा प्रमुख से संपर्क किया। बैंक ने बताया कि शाखा ने अब तक विभिन्न ग्राहकों के खातों से 10.24 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की पहचान की है, जिसे आरोपी ने पिछले तीन वर्षों के दौरान कथित तौर पर निकाल लिया।

मेहनत की कमाई का पैसा गायब

‘द प्रिंट’ की रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित किसानों में से कई ने अपनी जीवन भर की जमा-पूंजी बैंक में लगा रखी थी, ताकि वे घर बना सकें और अपने बच्चों की शादी का खर्च उठा सकें। इस कथित धोखाधड़ी ने ग्रेटर नोएडा के बिरोंडी गांव के निवासियों को भारी अनिश्चितता में डाल दिया है।

बैंक की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर CBI ने 29 अक्टूबर को मामला दर्ज किया। शिकायत के मुताबिक, दीपांशी ने एक निजी व्यक्ति और कुछ अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर, कई ग्राहकों के खातों से 10.24 करोड़ रुपये की अवैध (बिना अनुमति के) निकासी की। उस पर आरोप है कि उसने बैंक अधिकारियों के लॉगिन क्रेडेंशियल्स का गलत इस्तेमाल किया, ट्रांजैक्शन अलर्ट को बंद कर दिया और ग्राहकों की बचत तथा फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की रकम निकाल ली।

यह शिकायत बैंक के अधिकृत प्रतिनिधि और चीफ मैनेजर, अजय कुमार पांडे ने बैंक रिकॉर्ड के आधार पर दर्ज कराई। शिकायत में खाताधारकों आशुतोष पाठक, प्रदीप कुमार, मेमबंती देवी, प्रियंका कुमारी, शांति देवी, शालिनी और सरोज देवी के साथ-साथ कुछ अज्ञात लोगों और लोक सेवकों के नाम भी शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ BNS (भारतीय न्याय संहिता) की संबंधित धाराओं के तहत आपराधिक साजिश रचने, विश्वासघात, धोखाधड़ी, जालसाजी और खातों में हेराफेरी करने का मामला दर्ज किया गया है।

इससे पहले, गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने भी PNB के अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज की थी, जब कई किसानों ने शिकायत की थी कि उनके बचत खाते और फिक्स्ड डिपॉजिट खाली कर दिए गए हैं। CBI ने बताया कि मामले में शामिल निजी व्यक्ति को पुणे की विशेष CBI अदालत से ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया है। केंद्रीय एजेंसी ने कहा कि मामले की आगे की जांच जारी है।

ये भी पढ़ें- अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार! हाउस में डेमोक्रेट्स का कब्जा, सीनेट में भी बहुमत के करीब