
जनसत्ता दल (Jansatta Dal-Loktantrik) के अध्यक्ष और कुंडा से बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ ‘राजा भैया’ को जान से मारने की धमकी दी गई है। पिछले एक हफ्ते से इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए उन पर अभद्र टिप्पणियां की जा रही थीं और लगातार धमकी भरे संदेश भेजे जा रहे थे। मामला गरमाने के बाद पुलिस ने तीन अज्ञात सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस तरह रची जा रही थी साजिश
गोपीगंज के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) सच्चिदानंद पांडे के मुताबिक, विधायक को निशाना बनाने के लिए तीन विशेष सोशल मीडिया हैंडल का इस्तेमाल किया जा रहा था। राज शूटर ऑफिशियल, एम राज शूटर, एम शूटर अकाउंट्स से राजा भैया के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें सीधी धमकियां दी जा रही थीं।
जिला अध्यक्ष की शिकायत पर एक्शन जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के भदोही जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह ने बुधवार शाम थाने में मामले की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस को साक्ष्य के तौर पर धमकी भरे संदेशों के स्क्रीनशॉट्स और फोटोकॉपी भी सौंपी गई हैं। शिकायत के अनुसार, यह सिलसिला 23 अक्टूबर से जारी था। ALSO READ: यूपी चुनाव से पहले राजा भैया का बड़ा सियासी दांव, कहा- दरवाजे सबके लिए खुले, लेकिन…
कड़े कानूनों के तहत मुकदमा दर्ज
भदोही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 66 (कंप्यूटर या इंटरनेट के जरिए आपत्तिजनक संदेश भेजना) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस साइबर सेल की मदद से इन सोशल मीडिया अकाउंट्स को चलाने वाले अज्ञात लोगों की तलाश में जुट गई है। दोषी पाए जाने पर आरोपियों को जेल की सजा और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
कौन हैं राजा भैया?
राजा भैया का असली नाम रघुराज प्रताप सिंह है। वे यूपी राजनीति के एक प्रमुख, चर्चित और बाहुबली नेता हैं। 31 अक्टूबर 1969 को जन्मे राजा भैया कुंडा (प्रतापगढ़) के पूर्व भदरी रियासत के राजघराने से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता का नाम राजा उदय प्रताप सिंह है। प्रतापगढ़ जिला और ‘कुंडा’ विधानसभा क्षेत्र उनका अटूट राजनीतिक गढ़ माना जाता है।
राजा भैया ने 1993 में पहली बार कुंडा विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीता था। इसके बाद से वे लगातार इस सीट से चुनाव जीतते आ रहे हैं। कई दशकों तक निर्दलीय के रूप में चुनाव जीतने के बाद 2018 में उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी ‘जनसत्ता दल लोकतांत्रिक’ का गठन किया और 2022 का विधानसभा चुनाव इसी पार्टी के सिंबल पर जीता।
वे यूपी की विभिन्न सरकारों (भाजपा की कल्याण सिंह, रामप्रकाश गुप्ता, राजनाथ सिंह सरकार और सपा की मुलायम सिंह यादव व अखिलेश यादव सरकार) में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। 2002 में बहुजन समाज पार्टी (BSP) की मायावती सरकार के दौरान उन पर पोटा (POTA) जैसा सख्त कानून लगाया गया था और उन्हें जेल भेज दिया गया था। बाद में मुलायम की सरकार आने पर उनके ऊपर से पोटा हटाया गया।


