रामलला का आंगन 1 लाख दीपों से जगमगाएगा, अयोध्या में दीपोत्सव की ऐतिहासिक तैयारी

रामलला का आंगन 1 लाख दीपों से जगमगाएगा, अयोध्या में दीपोत्सव की ऐतिहासिक तैयारी

Ayodhya News

Ayodhya Deepotsav 2026: ​अयोध्या का श्रीराम जन्मभूमि परिसर इस बार दीपोत्सव पर एक अलौकिक दृश्य का साक्षी बनने जा रहा है। आगामी 7 नवंबर को प्रभु श्रीरामलला का पावन परिसर 1 लाख दिव्य दीपों की रोशनी से जगमगा उठेगा। इस भव्य आयोजन को सुव्यवस्थित और निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए पूरे परिसर को 5 विशेष ज़ोन में विभाजित किया गया है, जहां 1000 समर्पित कार्यकर्ताओं की टीम व्यवस्था संभालने के लिए तैनात की गई है।

जानें कहां जलेंगे कितने दीप?

​आयोजन को सुचारू रूप से चलाने के लिए शनिवार (31 अक्टूबर) को यात्री सुविधा केंद्र (PFC) सभागार में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें अगले 5 दिनों में सभी तैयारियां पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। 

  • ​जोन 1 (श्रीरामलला मंदिर परिसर) : 30,000 से अधिक दीपों से मुख्य मंदिर प्रांगण जगमगाएगा।
  • ​जोन 2 (कुबेर टीला व सप्तमंडपम) : 30,000 से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। 
  • जोन 3 (वापसी दर्शन मार्ग व PFC) : 14,000 से अधिक दीपों की श्रृंखला सजेगी।
  • जोन 4 (यात्री सेवा केंद्र व अंगद टीला) : 13,000 से अधिक दीप रोशनी फैलाएंगे। 
  • ​जोन 5 (श्रीरामजन्मभूमि पथ व दर्शन मार्ग) : 13,000 दीपों से श्रद्धालुओं का पथ आलोकित होगा।

​30 लाख दीयों से बनेगा विश्व रिकॉर्ड

जहां एक ओर जन्मभूमि परिसर 1 लाख दीपों से दीप्त होगा, वहीं दूसरी ओर राम की पैड़ी और मां सरयू के तटों पर 30 लाख दीये प्रज्ज्वलित कर एक नया अद्भुत विश्व रिकॉर्ड रचने की तैयारी है। इसके अतिरिक्त, अयोध्या नगरी के 41 प्रमुख ऐतिहासिक मठ-मंदिरों को भी विशेष रूप से सजाया और संवारा जा रहा है। 

इस तरह बनी रणनीति 

​तैयारियों की समीक्षा बैठक में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्र, ट्रस्ट सचिव जगदीश आफले और जगन्नाथ गुलवे सहित प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक में सभी 1000 वालंटियर्स को उनकी जोन-वार जिम्मेदारियां सौंपी गईं ताकि 7 नवंबर को होने वाला यह दीप पर्व अयोध्या के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय बन सके।