
इंदौर। स्वच्छ भारत आजादी के बाद देश में बदलाव लाने वाला एक बड़ा अभियान है। यह देश की बड़ी उपलब्धि भी है। इस उपलब्धि की वास्तविक हकदार हमारे सफाई कर्मी हैं। बता दें कि आज देश में 90 प्रतिशत से ज्यादा सफाईकर्मी या तो आउटसोर्स हैं या फिर दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के रूप में काम कर रहे हैं।
इन कर्मचारियों का भविष्य बहुत सुरक्षित नहीं है। प्रतिवर्ष कितने ही कर्मचारी सीवरेज में सफाई करते हुए अपनी जान गंवाते हैं। आजीवन सफाईकर्मी के रूप में काम करने के बाद भी इनके जीवन में कोई बदलाव नहीं आता, क्योंकि इन्हें ना तो सामाजिक सुरक्षा का वह स्तर हासिल है और ना ही आर्थिक सुरक्षा का। ऐसे में यह बहुत जरूरी हो जाता है कि हमारे समाज के महत्वपूर्ण अंग के बारे में संपूर्ण समाज विचार करें और उनकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए एकजुट होकर कोई अभियान चलाएं। इस अभियान से समाज के उस वर्ग को यह संदेश भी जाएगा कि समस्त देशवासी उनके बारे में सोचते हैं और उनके साथ खड़े हुए हैं।
1. सबसे पहले पूरे प्रदेश में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा जिसके जरिए प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से यह मांग की जाएगी कि देश के सभी सफाई कर्मियों को नियमित किया जाए।
2. देश के सभी सामाजिक संगठन भी अपनी तरफ से यह मांग रखेंगे। इसके लिए समस्त समाजों के संगठन, व्यापारिक संगठन व अन्य संगठनों ने सफाई कर्मियों के नियमितीकरण के पक्ष में पत्र लिखेंगे और सक्रिय भागीदारी करेंगे।
3. एकात्म भारत सफाई कर्मियों द्वारा अपने काम और जीवन में पेश की जाने वाली कठिनाइयों को भी सामने लाने का प्रयास करेगा ताकि समाज उनकी जिंदगी के बारे में जान सके।
इस अभियान की शुरुआत इंदौर से हो रही है। अभियान में बड़े पैमाने पर युवा भागीदारी कर रहे हैं। इसके अलावा अनेक सामाजिक संगठनों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए समर्थन का भरोसा दिलाया है। यह जानकारी एकात्म भारत के प्रवक्ता सतीश परमार ने दी।


