
यूरोप के कई देशों में आसमान छूती महंगाई, बेरोजगारी और खस्ताहाल सरकारी सेवाओं के खिलाफ आम जनता का गुस्सा अब सड़कों पर हिंसक रूप में फूट पड़ा है। फ्रांस, स्पेन, इटली, अल्बानिया, पुर्तगाल और बेल्जियम में इन दिनों बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं, हालांकि हिंसा और आगजनी का सबसे भयावह रूप फ्रांस में देखने को मिला है। ALSO READ: यूरोप में सड़कों पर संग्राम, फ्रांस में बवाल, आगजनी-लूटपाट के बाद 1,200 से ज्यादा गिरफ्तार, 60 पुलिसकर्मी घायल
फ्रांस में तांडव: 143 साल पुराना टाउन हॉल फूंका
राजधानी पेरिस के अलावा लिमोझ, स्ट्रासबर्ग, लियोन और मर्सिले जैसे प्रमुख शहरों में भारी तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं। लिमोझ शहर में उग्र प्रदर्शनकारियों ने 143 साल पुराने ऐतिहासिक टाउन हॉल को आग के हवाले कर दिया, जिससे इस ऐतिहासिक इमारत का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। कई जगहों पर उपद्रवियों ने दुकानों को लूटा, पुलिस के वाहनों को निशाना बनाया और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया।
सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई खूनी झड़पों में लगभग 1,000 पुलिसकर्मी घायल हो चुके हैं, जबकि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक करीब 2,400 लोगों को गिरफ्तार किया है। ALSO READ: इटली में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक, मिलान में दुकानों में लूटपाट और आगजनी, 50 लोग हिरासत में
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— Brian Roemmele (@BrianRoemmele) October 17, 2026
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की शांति की अपील
देश में बेकाबू होते हालात को देखते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। मैक्रों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह की हिंसा को किसी भी हाल में सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि फ्रांस के नागरिक अपने ही देश और उसकी संपत्तियों के खिलाफ ऐसी बर्बर हरकतें कैसे कर सकते हैं।
फ्रांस में हिंसा पर क्या बोले ट्रंप?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने फ्रांस में फैली हिंसक अशांति के लिए इमिग्रेशन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने फ्रांस से अपनी सीमाएं बंद करने की अपील की है, क्योंकि जीवन-यापन की बढ़ती लागत और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शन अब हिंसक झड़पों, लूटपाट और आगजनी में बदल गए हैं।
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, ‘फ्रांस जल रहा है। एक बिल्कुल अलग दुनिया से आए लोगों के आप्रवासन ने, जिसके दिलों में नफरत भरी है, इस कभी महान रहे देश को तबाह कर दिया है। बहुत देर होने से पहले अपनी सीमाएं बंद करें और नियंत्रण अपने हाथ में लें।’
France is burning! The immigration of people from an entirely different world, people with hatred in their hearts, has shattered that once great country. Close your Borders and take control, before it is too late! President DONALD J. TRUMP ( TS: Oct 18 2026, 8:11 AM ET )
— Commentary Donald J. Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) October 18, 2026
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी फ्रांस में हिंसा के लिए आव्रजन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि फ्रांस और अन्य पश्चिमी देश, लोगों को समाज में शामिल करने और उनके बीच तालमेल बिठाने के मुद्दे को सुलझाने में विफल रहे हैं।


