सुप्रीम कोर्ट से CJP को बड़ी राहत, कनॉट प्लेस तिरंगा मार्च पर तुरंत रोक लगाने से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट से CJP को बड़ी राहत, कनॉट प्लेस तिरंगा मार्च पर तुरंत रोक लगाने से किया इनकार

supreme court on cjp tiranga march

Supreme Court on CJP Tiranga March:  दिल्ली के कनॉट प्लेस में आयोजित होने वाले ‘तिरंगा मार्च’ और इसके चलते कारोबारियों को होने वाली परेशानियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम सुनवाई की है। शीर्ष अदालत ने विरोध-प्रदर्शन के खिलाफ तत्काल रोक या कोई कड़ा निर्देश जारी करने से इनकार कर दिया है, लेकिन साथ ही सीजेपी (CJP) और प्रदर्शनकारियों को नसीहत दी है कि वे समझदारी से काम लें ताकि आम दुकानदारों की आजीविका और व्यापार पर असर न पड़े। ALSO READ: भारत में विरोध प्रदर्शनों का इतिहास: भाषा आंदोलन से ‘राम मंदिर, किसान और युवा प्रदर्शनों’ तक, जानें कैसे बदला देश का सियासी नक्शा

 

कनॉट प्लेस में सीजेपी की ओर से घोषित ‘लहरा दो तिरंगा मार्च’ के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। वकील जय अनंत देहादराय ने कारोबारियों को होने वाले नुकसान को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि सीजेपी प्रोटेस्ट के चलते उनके कारोबार को नुकसान हो रहा है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सीजेपी को नसीहत देते हुए उम्मीद जताई कि समझदारी से काम लिया जाएगा और लोगों को कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने कोई निर्देश जारी करने से मना कर दिया।

 

सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने बताया कि इसी तरह का एक मामला दिल्ली हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि सभी लोग समझदारी दिखाएंगे… छोटे दुकानदार इन्हीं दिनों में अपनी आजीविका कमाते हैं। हम समझते हैं कि इससे पूरे परिवारों को कितनी कठिनाई और परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

 

बेंच में शामिल जस्टिस बागची ने कहा कि कोई विरोध करना चाहता है, कोई मूंगफली बेचना चाहता है, और कोई कानून-व्यवस्था बनाए रखना चाहता है। ये सभी चीजें आपस में जुड़ी हुई हैं। अगर कारोबार का नुकसान होता है, तो हम संवैधानिक अधिकार क्षेत्र के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करेंगे। जब ऐसी स्थिति आएगी, तब उस पर विचार किया जाएगा। ALSO READ: बांग्लादेश की तर्ज पर ‘सत्ता परिवर्तन’ चाहते हैं विरोधी दल, दिल्ली के हालातों पर भड़के रक्षा मंत्री राजनाथ

 

इस बीच वकील जय अनंत देहादराय ने कहा कि एनडीएमसी ने कल देर रात सेंट्रल पार्क को बंद कर दिया, जिसका मतलब है कि वहां कोई व्यापार नहीं हो पाएगा। इस पर जस्टिस बागची ने कहा, ‘अगर हमें लगता है कि यह कदम अनुचित है, तो इस अदालत के पास पब्लिक लॉ और मुआवजे के कानून के तहत पर्याप्त अधिकार क्षेत्र है। मामले में अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी।