तिहाड़ जेल में कटी सौरव दास और आशुतोष रांका की पहली रात: जमीन पर कंबल बिछाकर सोए, दाल-रोटी का सहारा

तिहाड़ जेल में कटी सौरव दास और आशुतोष रांका की पहली रात: जमीन पर कंबल बिछाकर सोए, दाल-रोटी का सहारा

ashutoh ranka and saurabh das

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करना कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को भारी पड़ गया। पीस बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन और बिना अनुमति विरोध प्रदर्शन के मामले में SEM कोर्ट द्वारा 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद दोनों नेता अब तिहाड़ जेल में बंद हैं। ALSO READ: CJP का तिरंगा मार्च, अभिजीत दीपके का ऐलान, 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में जुटने की अपील

 

तिहाड़ में कैसे बीती पहली रात?

जेल सूत्रों के मुताबिक, सीजेपी के दोनों नेताओं की तिहाड़ जेल में पहली रात काफी बेचैनी में गुजरी। सुरक्षा कारणों और अन्य कैदियों के साथ किसी भी तरह के संभावित टकराव को रोकने के लिए दोनों को अलग-अलग सेल में रखा गया है। सौरव दास को जेल नंबर 2 और आशुतोष रांका को जेल नंबर 4 में भेजा गया है। उनकी सेल के बाहर चौबीसों घंटे पुलिस पहरा तैनात है।

 

आम कैदियों जैसा बर्ताव, कोई वीआईपी सुविधा नहीं

जेल अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दोनों नेताओं को किसी भी तरह की विशेष सुविधा नहीं दी गई है। उन्हें अन्य विचाराधीन कैदियों की तरह ही रखा गया है। भोजन में उन्हें सामान्य कैदियों की तरह केवल दाल, रोटी और सब्जी परोसी जा रही है। सोने के लिए चारपाई या बेड के बजाय जमीन पर केवल कंबल दिए गए हैं।

उनकी सेल में अखबार और टेलीविजन की सुविधा दी गई है, लेकिन सुरक्षा कारणों से उनकी आवाजाही बेहद सीमित रखी गई है। वे केवल सुबह और शाम पुलिसकर्मियों की कड़ी निगरानी में वार्ड के अंदर टहल सकते हैं। ALSO READ: राहुल गांधी के घर चाय पर चर्चा की इनसाइड स्टोरी? CJP से नेहा बोरा तक कौन किसके साथ, कौन किसके खिलाफ?

 

क्यों हुई थी कार्रवाई?

गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी के इन नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया था। पहले भरे गए पीस बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने और नियमों को ताक पर रखकर प्रदर्शन करने के चलते प्रशासन ने यह कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है।