राहुल गांधी हिरासत में, कहा- 100 FIR हों तब भी संविधान के लिए लड़ता रहूंगा

राहुल गांधी हिरासत में, कहा- 100 FIR हों तब भी संविधान के लिए लड़ता रहूंगा

Rahul Gandhi Statement on FIR: दिल्ली में ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के प्रदर्शन के बाद दर्ज हुई एफआईआर पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तल्ख रुख अपनाया है। उन्होंने पुलिसिया कार्रवाई को चुनौती देते हुए कहा कि हर एफआईआर उनके सीने पर एक मेडल की तरह है और वह संविधान की रक्षा के लिए अंत तक लड़ाई जारी रखेंगे। गांधी ने निडर अंदाज में कहा कि सत्ता पक्ष जितनी भी एफआईआर दर्ज करा ले, वह पीछे नहीं हटने वाले हैं। इस बीच, विपक्षी दलों के सांसद और कार्यकर्ता पैदल ही जंतर-मंतर की तरफ बढ़ रहे हैं। पुलिस ने राहुल गांधी समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है।  

हर एफआईआर मेरे सीने पर मेडल

राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस और सरकार की कार्रवाई पर तंज कसते हुए कहा कि मेरे खिलाफ अभी तक लगभग 45 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। मेरा लक्ष्य तो 100 एफआईआर पूरा करने का है। सरकार जितने चाहे मामले दर्ज करवा ले, हर एफआईआर मेरे सीने पर किसी मेडल की तरह है। जब तक संविधान और देश के लोकतंत्र की रक्षा का सवाल है, मैं और मेरी पार्टी डटकर लड़ते रहेंगे।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, मंगलवार को ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं और सांसदों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित धांधली और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में मार्च निकाला था। इस दौरान रायसीना रोड स्थित आकाशवाणी भवन के पास नेताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और नेता वहीं धरने पर बैठ गए थे। 

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने बिना अनुमति बैरिकेड्स तोड़े और आकाशवाणी भवन के परिसर में जबरन घुसकर धरना दिया। इस मामले में दिल्ली के संसद मार्ग थाने में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई विपक्षी सांसदों और 250 से अधिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, अनधिकृत प्रवेश और निषेधाज्ञा के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है।

जनता की आवाज दबा नहीं सकती सरकार

राहुल गांधी ने साफ किया कि चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता और देश के हर नागरिक के वोट के अधिकार की रक्षा के लिए विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस और कानूनी मुकदमों के जरिए सरकार जनता के मुद्दों को उठाने वाले प्रतिनिधियों की आवाज नहीं दबा सकती। राहुल गांधी के इस आक्रामक तेवर के बाद यह साफ हो गया है कि चुनाव आयोग और मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर राजनीतिक घमासान आने वाले दिनों में और तेज होने वाला है।