
इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने वाले लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल अक्सर इसकी बैटरी और रेंज को लेकर होता है। इसे ‘रेंज एंग्जायटी’ (Range Anxiety) कहा जाता है। यानी यह डर कि कहीं मंजिल तक पहुंचने से पहले ही स्कूटर की बैटरी खत्म न हो जाए। चार्जिंग स्टेशन दूर हुआ तो क्या होगा? रास्ते में स्कूटर बंद हो गया तो क्या करेंगे? पहली बार इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने वालों के लिए ये सवाल स्वाभाविक हैं।
हालांकि, इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी कम होने पर वाहन अचानक बिना किसी संकेत के बंद नहीं हो जाता। आमतौर पर बैटरी का स्तर कम होने पर स्कूटर कई तरह के संकेत देता है, जिससे चालक को समय रहते चार्जिंग की व्यवस्था करने का मौका मिल जाता है।
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बैटरी कम होने पर स्कूटर देता है कई संकेत
अधिकांश आधुनिक इलेक्ट्रिक स्कूटर में बैटरी का प्रतिशत डैशबोर्ड पर दिखाई देता है। कई मॉडल बैटरी के 20 प्रतिशत, 15 प्रतिशत या 10 प्रतिशत के आसपास पहुंचने पर चेतावनी भी देते हैं। कुछ इलेक्ट्रिक स्कूटर में इंडिकेटर लाइट और मोबाइल ऐप के जरिए भी बैटरी कम होने की जानकारी मिलती है। इसका मकसद चालक को समय रहते घर लौटने या नजदीकी चार्जिंग पॉइंट तलाशने का मौका देना है।
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इसे स्मार्टफोन की बैटरी की तरह समझ सकते हैं। फोन की बैटरी अचानक शून्य नहीं हो जाती, बल्कि पहले 20 प्रतिशत, फिर 10 प्रतिशत और उसके बाद लो-बैटरी चेतावनी दिखाई देती है। इलेक्ट्रिक स्कूटर में भी कुछ ऐसा ही सिस्टम होता है।
बैटरी जीरो होने पर क्या होता है?
जब इलेक्ट्रिक स्कूटर की लिथियम-आयन बैटरी बेहद कम चार्ज पर पहुंचती है तो वाहन की परफॉर्मेंस धीरे-धीरे कम होने लगती है। स्कूटर की स्पीड घट सकती है और मोटर का पावर आउटपुट कम हो सकता है।
ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि बची हुई बैटरी का इस्तेमाल अधिक दूरी तक किया जा सके और वाहन को अचानक बंद होने से बचाया जा सके। अगर चालक लगातार चेतावनियों के बावजूद स्कूटर चलाता रहे और बैटरी पूरी तरह खत्म हो जाए तो वाहन धीरे-धीरे रुक सकता है। यह प्रक्रिया सामान्य तौर पर पेट्रोल स्कूटर में ईंधन खत्म होने पर इंजन के अचानक बंद होने जैसी नहीं होती।
रास्ते में बैटरी खत्म हो जाए तो क्या करें?
अगर इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी रास्ते में खत्म हो जाए तो घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसी स्थिति में कुछ विकल्प मौजूद होते हैं।
1. स्कूटर को नजदीकी चार्जिंग पॉइंट तक ले जाएं
कई इलेक्ट्रिक स्कूटर पेट्रोल स्कूटर की तुलना में हल्के होते हैं। ऐसे में बैटरी पूरी तरह खत्म होने के बाद भी स्कूटर को धक्का देकर नजदीकी चार्जिंग पॉइंट या सुरक्षित स्थान तक ले जाया जा सकता है।
2. रोडसाइड असिस्टेंस की मदद लें
कई इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियां रोडसाइड असिस्टेंस की सुविधा भी देती हैं। जरूरत पड़ने पर वाहन को नजदीकी सर्विस सेंटर तक पहुंचाने या दूसरी सहायता लेने का विकल्प मिल सकता है।
3. उपलब्ध बिजली के सॉकेट से चार्ज करें
इलेक्ट्रिक वाहन की एक खास सुविधा यह है कि पेट्रोल की तरह ईंधन ढोने की जरूरत नहीं होती। यदि स्कूटर में रिमूवेबल बैटरी है तो कुछ मॉडल में बैटरी निकालकर सामान्य बिजली के सॉकेट से भी चार्ज किया जा सकता है।
हालांकि, चार्जिंग से पहले निर्माता द्वारा बताए गए चार्जर, सॉकेट और सुरक्षा निर्देशों का पालन करना जरूरी है। खराब वायरिंग या असुरक्षित कनेक्शन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
रोज कितना चार्ज करना पड़ेगा?
इलेक्ट्रिक स्कूटर की वास्तविक रेंज मॉडल, बैटरी क्षमता, सड़क, ट्रैफिक, वजन, स्पीड और ड्राइविंग मोड पर निर्भर करती है। अगर किसी व्यक्ति का रोजाना आना-जाना सीमित दूरी का है तो वह हर रात चार्ज करने की बजाय जरूरत के हिसाब से एक या दो दिन के अंतर पर भी चार्ज कर सकता है। वहीं, ज्यादा दूरी तय करने वाले या लगातार तेज स्पीड में स्कूटर चलाने वाले लोगों को ज्यादा बार चार्जिंग की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए केवल कंपनी की दावा की गई रेंज देखकर फैसला करने के बजाय अपने रोजाना के सफर और वास्तविक उपयोग को ध्यान में रखना चाहिए।
इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी कितने साल चलती है?
लिथियम-आयन बैटरी समय के साथ धीरे-धीरे अपनी क्षमता खोती है। यह प्रक्रिया स्मार्टफोन और लैपटॉप की बैटरी में भी देखने को मिलती है। लंबे समय तक रोजाना इस्तेमाल के बाद इलेक्ट्रिक स्कूटर की वास्तविक रेंज में कमी आ सकती है। बैटरी की उम्र पर चार्जिंग की आदत, तापमान, इस्तेमाल और बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम जैसे कई कारकों का असर पड़ता है।
इसी वजह से इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय केवल शुरुआती कीमत और रेंज ही नहीं, बल्कि बैटरी वारंटी, बैटरी बदलने की लागत, सर्विस नेटवर्क और रिप्लेसमेंट प्रक्रिया की जानकारी भी लेना जरूरी है।
रात में चार्ज करना बनाएं आदत
रेंज एंग्जायटी से बचने का सबसे आसान तरीका नियमित चार्जिंग है। अगर आपका रोजाना सफर सीमित है तो घर पहुंचने के बाद स्कूटर को चार्ज पर लगाना एक सामान्य आदत बनाई जा सकती है। इससे अगली सुबह वाहन के पर्याप्त चार्ज होने की संभावना रहती है और रास्ते में चार्जिंग स्टेशन खोजने की जरूरत कम हो जाती है।
क्या है एक्सपर्ट्स की राय रेंज एंग्जायटी से ज्यादा जरूरी है सही प्लानिंग
इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी खत्म होना निश्चित रूप से असुविधाजनक हो सकता है, लेकिन सही प्लानिंग के साथ इस स्थिति की संभावना कम की जा सकती है। बैटरी का स्तर नियमित रूप से देखते रहें, कम बैटरी की चेतावनी को नजरअंदाज न करें और अपने रोजाना सफर के हिसाब से चार्जिंग की आदत बनाएं।
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इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने से पहले यह भी जांच लें कि आपके इलाके में कंपनी का सर्विस नेटवर्क कैसा है, रोडसाइड असिस्टेंस उपलब्ध है या नहीं और बैटरी वारंटी में क्या-क्या शामिल है। सीधी बात यह है कि इलेक्ट्रिक स्कूटर की रेंज को लेकर डरने से ज्यादा जरूरी है अपनी दैनिक जरूरत के हिसाब से सही बैटरी क्षमता और रेंज वाला मॉडल चुनना।


