दिग्विजय सिंह का सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का ऐलान, मोदी सरकार और RSS पर जमकर बरसे

दिग्विजय सिंह का सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का ऐलान, मोदी सरकार और RSS पर जमकर बरसे

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने उज्जैन से अयोध्या तक सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा निकालने जा रहे है।  यात्रा की शुरुआत 20 अक्टूबर को  उज्जैन के महाकाल मंदिर से शुरु होकर अयोध्या तक जाएगी। उज्जैन से अयोध्या तक की इस यात्रा में दिग्विजय सिंह हर दिन 15 किलोमीटर चलेंगे। बुधवार को भोपाल को मीडिया से बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने यात्रा को गैर-राजनीतिक बताते हुए इसे सनातन धर्म, पारदर्शिता और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मुद्दों को उठाने वाला अभियान बताया है। 

 

दिग्विजय के निशाने पर पीएम मोदी-भोपाल में यात्रा को लेकर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा और RSS पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के हालात सभी ने देखे हैं। उनके मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में संवैधानिक संस्थाओं पर इस तरह का अतिक्रमण नहीं हुआ, जैसा उनके आरोप के अनुसार मौजूदा दौर में हो रहा है। 

दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी ने तो जैसे ठाना है कि देश में कोई और पीएम और कोई और सरकार नहीं बन सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस और भाजपा संविधान बदलने की तैयारी में थी लेकिन दो-तिहाई बहुमत नहीं होने के कारण ऐसा नहीं कर सकी।

 

पूरे सिस्टम पर RSS का कब्जा-RSS पर निशाना साधते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे लंबे समय से संघ की विचारधारा के विरोधी रहे हैं, क्योंकि उनकी अपनी विचारधारा गांधीवादी है। उन्होंने कहा कि गांधी से बड़ा कोई और हिंदू हो सकता है क्या। दिग्विजय सिंह ने RSS को लेकर दावा किया कि वह अपंजीकृत संस्था है और इसके वित्तीय स्रोतों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद प्रधानमंत्री लाल किले से RSS का नाम लेते हैं और इसे दुनिया का सबसे बड़ा NGO बताया जाता है।

 

दिग्विजय सिंह ने आरोप लगया कि आज संघ ने सभी संस्थाओं पर अपना कब्जा जमा लिया है। उन्होंने कहा कि UGC, विश्वविद्यालयों, चुनाव आयोग और अन्य संस्थाओं में संघ से जुड़े लोगों की ही नियुक्ति हो रही है। उन्होंने दावा किया कि स्टैंडिंग कमेटी में रहते हुए उन्होंने कथित तौर पर देखा है कि RSS ने पूरे सिस्टम पर कब्जा कर रखा है।


दिग्विजय सिंह ने NTA के चेयरमैन प्रदीप जोशी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पहले उन्हें MPPSC का अध्यक्ष बनाया गया, शिकायतों के बाद CGPSC और फिर UPSC तथा NTA तक जिम्मेदारियां मिलीं। सिंह ने इसे कथित अनियमितताओं के बाद प्रमोशन करार दिया।

 

EVM और SIR पर भी उठाए सवाल-प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिग्विजय सिंह ने EVM और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वे 2022 से EVM का विरोध कर रहे हैं। उनके मुताबिक डिजिटल तकनीक और सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल के बाद डिजिटल फ्रॉड का खतरा बढ़ा है। उन्होंने VVPAT की व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि मतदाता को यह भरोसा होना चाहिए कि उसने जिस उम्मीदवार को वोट दिया, वोट उसी को गया। उन्होंने SIR को लेकर भी आरोप लगाया कि इससे नागरिकों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।

 

नॉन-पॉलिटिकल होगी सनातन यात्रा-दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनकी यात्रा नॉन-पॉलिटिकल होगी। उज्जैन से अयोध्या तक यह उनकी करीब 950 किलोमीटर की तीसरी लंबी यात्रा होगी। इससे पहले वे नर्मदा परिक्रमा कर चुके हैं और राहुल गांधी के साथ भी यात्रा कर चुके हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनकी 950 किमी की इस यात्रा का लगभग आधा हिस्सा मध्य प्रदेश और आधा उत्तर प्रदेश में रहेगा। वहीं दशहरे से यात्रा की शुरुआत करने का कारण बताते हुए दिग्विजय सिंह कहा दशहर अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है इसलिए इस दिन से वह अपनी यात्रा शुरु कर रहे है।