तेलंगाना के मुशीराबाद में मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश! BJP नेता पर FIR दर्ज

तेलंगाना के मुशीराबाद में मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश! BJP नेता पर FIR दर्ज

Telangana SIR

Telangana Police SIR form-7: तेलंगाना में हैदराबाद के मुशीराबाद विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए 30 से अधिक फॉर्म-7 आवेदन जमा करने के आरोप में भाजपा के बूथ-लेवल एजेंट एस. बालचंदर के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।

 

जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाने के लिए यह आवेदन दिए गए थे, वे सभी मुस्लिम समुदाय से हैं। इनमें कांग्रेस के बूथ-लेवल एजेंट शफीउद्दीन और उनके परिवार के सदस्यों के नाम भी शामिल हैं। ALSO READ: हाईकोर्ट की चुनाव आयोग को कड़ी फटकार, कहा- अगर भारतीय नागरिक ही बाहर हो जाएं, तो SIR का क्या फायदा?

निर्वाचन अधिकारी की शिकायत पर कार्रवाई

वेबदुनिया के हैदराबाद संवाददाता के अनुसार यह एफआईआर मुशीराबाद के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी प्रवीण कुमार रेड्डी की लिखित शिकायत के आधार पर चिक्कड़पल्ली पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। आरोपी बालचंदर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। ALSO READ: SIR प्रक्रिया पर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त, चुनाव आयोग से पूछा- बिना सुनवाई के मतदाता सूची से कैसे हटा दिया नाम?

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के सख्त निर्देश

पुलिस की यह कार्रवाई तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) सी. सुदर्शन रेड्डी द्वारा जारी किए गए सख्त निर्देशों के ठीक एक दिन बाद हुई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान फॉर्म-6, 6ए, 7 और 8 में जानबूझकर झूठे बयान या गलत घोषणाएं जमा करने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई का आदेश दिया था। निर्वाचन कार्यालय को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि बड़ी संख्या में फर्जी तरीके से फॉर्म-7 दाखिल किए जा रहे हैं।

 

गौरतलब है कि फॉर्म-7 का उपयोग मतदाता सूची में किसी नए नाम को शामिल करने पर आपत्ति जताने या किसी वर्तमान मतदाता का नाम हटाने का अनुरोध करने के लिए किया जाता है।

कांग्रेस ने उठाए सवाल, जांच की मांग

इस पूरे मामले पर सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेस ने बीते 1 अक्टूबर को मुशीराबाद में आरोप लगाया था कि भाजपा एजेंट जानबूझकर एक पूरे समुदाय के नाम कटवाने की कोशिश कर रहा है। इसके बाद बहादुरपुरा और गोशामहल इलाकों से भी ऐसे ही संदेहास्पद आवेदन मिलने की खबरें आई हैं। ‘द साउथ फर्स्ट’ द्वारा जांचे गए एक फॉर्म-7 आवेदन में पाया गया कि मतदाता का नाम और पता पहले से भरा हुआ था, जबकि आवेदन जमा करने वाले व्यक्ति की जानकारी वाला कॉलम पूरी तरह खाली छोड़ा गया था।

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने हैदराबाद के पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार से मिलकर शिकायत सौंपी और बड़े पैमाने पर फर्जी फॉर्म जमा करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की।

कानूनी प्रावधान और विवाद

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 का हवाला देते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह धारा चुनाव से संबंधित दस्तावेजों या आवेदनों में जानबूझकर गलत जानकारी देने पर सजा का प्रावधान करती है। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटने का यह विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। हालांकि पुलिस जांच के बाद ही यह पूरी तरह साफ हो पाएगा कि यह कार्रवाई किसी सोची-समझी रणनीति का हिस्सा थी या इसके पीछे अन्य कारण थे।