सितंबर में 4477 अंक टूटा सेंसेक्स, निफ्टी में लगातार 8वें हफ्ते भी गिरावट, जानिए कैसा रहेगी चाल?

सितंबर में 4477 अंक टूटा सेंसेक्स, निफ्टी में लगातार 8वें हफ्ते भी गिरावट, जानिए कैसा रहेगी चाल?

share market review 3 october : market ki baat

भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के लिए पिछला हफ्ता बुरे सपने की तरह रहा। 4 कारोबारी दिन वाले इस सप्ताह में सेंसेक्स में करीब 2000 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई तो निफ्टी भी 714 अंक गिर गया। चारों ही दिन बाजार लाल निशान बंद हुआ। सितंबर में सेंसेक्स 4477 अंक टूटा तो निफ्टी में 1460 अंकों की गिरावट आई। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा अगला सप्ताह।

 

कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल

सोमवार को सेंसेक्स 1124 अंकों की गिरावट के साथ 72771 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 360 अंक गिरकर 22780 पर पहुंच गया। मंगलवार को सेंसेक्स 243 अंक गिरकर पर 72529 जा पहुंचा तो निफ्टी 64 अंक गिरकर 22716 पर बंद हुआ। सितंबर के आखिरी दिन बुधवार को सेंसेक्स 49 अंक गिरकर 72,480 पर जा पहुंचा तो निफ्टी 96 अंक की गिरावट के साथ 22,620 पर बंद हुआ।

 

अक्टूबर के पहले दिन गुरुवार को भारतीय शेयर बाजारों में फिर गिरावट हुई। सेंसेक्स 570 अंक गिरकर 71910 पर जा पहुंचा तो निफ्टी 198 अंक गिरकर 22422 पर जा पहुंचा। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर शेयर बाजार बंद रहे।

 

इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल

विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली ने बाजार की धारणा पर सबसे बड़ा असर डाला। हूती और सऊदी अरब युद्ध की वजह से क्रूड की सप्लाय चेन पर असर पड़ा। 

 

सितंबर के दौरान एफआईआई की तरफ से भारी मात्रा में पूंजी निकासी की गई, जिससे लार्ज-कैप शेयरों पर लगातार दबाव बना रहा। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारत जैसी अर्थव्यवस्थाओं के लिए आयात बिल और घरेलू स्तर पर महंगाई बढ़ने की चिंताओं को फिर से गहरा दिया।

वैश्विक स्तर पर बढ़ती बॉन्ड यील्ड और प्रमुख केंद्रीय बैंकों के रुख के कारण उभरते बाजारों से निवेशकों का रुझान थोड़ा प्रभावित हुआ, जिसका असर भारतीय इक्विटी पर भी दिखा। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में आई नरमी और मुद्रा पर लगातार बने दबाव ने बाजार की गिरावट को गति दी। इस हफ्ते निवेशकों ने बाजार में जमकर मुनाफा वसूली की।

 

कैसा रहेगा अगला हफ्ता?

बाजार विशेषज्ञ योगेश बागौरा ने कहा कि रिजर्व बैंक 7 अक्टूबर को रेपो दर 25 पैसे बढ़ा सकती है। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को लाइफ टाइम हाई पर बंद हुए सोमवार को भारतीय शेयर बाजारों पर भी इसका असर पड़ सकता है। निफ्टी लगातार 8 वर्षों से गिर रहा है। इससे पहले साल 2001 में बाजार में लगातार 9 हफ्तों तक गिरावट आई थी। यहां से बाजार के रिकवर करने की प्रोबेबलिटी 60 से 70 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि बाजार में 22000 से 22100 का सपोर्ट बना हुआ है। ऊपर में बाजार 23200 से 23300 तक आ सकता है। 

 

अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।