फ्लाईदुबई कॉकपिट हमला: अल-कायदा से जुड़े सह-पायलट ने रची थी इजराइल में विमान गिराने की साजिश?

फ्लाईदुबई कॉकपिट हमला: अल-कायदा से जुड़े सह-पायलट ने रची थी इजराइल में विमान गिराने की साजिश?

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दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान (FZ1073) में कैप्टन स्मित मछार पर हुए सनसनीखेज हमले की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, सह-पायलट का अतीत और भी डरावना नजर आ रहा है। इस गंभीर घटना के बाद सह-पायलट की पहचान ओमानी नागरिक हमाम अलहमामी के रूप में हुई है, जिसके अल-कायदा और चरमपंथी संगठनों से जुड़े होने के गंभीर दावे सामने आ रहे हैं। ALSO READ: Flydubai विमान हमले को लेकर डोनाल्ड ट्रंप का खुलासा, ईरान को क्यों दी चेतावनी

 

अल-कायदा कनेक्शन और सीरिया कनेक्शन

जांच रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमाम अलहमामी ने ओमान से बाहर काफी लंबा समय बिताया था, जिसमें उसका सीरिया प्रवास भी शामिल है।

 

चरमपंथी विचार: सीरिया में रहने के दौरान उसके कुछ कट्टरपंथी धार्मिक लोगों से संपर्क में आने की बात सामने आई है।

 

वैचारिक झुकाव: जांच से जुड़े दावों में यहां तक कहा गया है कि अलहमामी अल-कायदा की विचारधारा से गहराई से प्रभावित था। जांच एजेंसियां अब उसके विदेशी संपर्कों और सीरिया यात्रा की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। ALSO READ: दुनिया भर में छाए स्मित मच्छार की बहादुरी के किस्से, मोदी, ट्रंप समेत ग्लोबल लीडर्स ने क्यों कहा ‘असली हीरो’?

 

ओमान में पहले ही लग चुका था बैन

हमाम के पुराने विमानन रिकॉर्ड ने सुरक्षा एजेंसियों को सकते में डाल दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ओमान में उसके चरमपंथी विचारों को लेकर पहले ही चिंता जताई जा चुकी थी। साल 2024 में ‘ओमान एयर’ ने उसे कथित तौर पर कट्टरपंथी इस्लामी वेबसाइट्स देखने के आरोप में ग्राउंड (उड़ान भरने से रोकना) कर दिया था।

कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि उसे कट्टरपंथी गतिविधियों के चलते ट्रेनिंग से भी बाहर कर दिया गया था। सबसे बड़ा सवाल यह है कि गंभीर सुरक्षा चिंताओं और पुराने रिकॉर्ड के बावजूद वह ओमान से निकलकर दुबई कैसे पहुंचा और फ्लाईदुबई जैसी एयरलाइन में कमर्शियल पायलट कैसे बन गया?

 

क्या इजराइल में विमान क्रैश करने की थी साजिश?

जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा और डरावना सवाल यह है कि क्या हमाम अलहमामी इस विमान को किसी बड़े आतंकी हमले का जरिया बनाना चाहता था? शुरुआती पूछताछ से जुड़े दावों के अनुसार, सह-पायलट ने कथित तौर पर विमान को इजराइल (तेल अवीव) में ही जानबूझकर क्रैश करने की बात कबूली है। यदि यह दावा जांच में सच साबित होता है, तो यह आधुनिक विमानन इतिहास के सबसे बड़े सुरक्षा खतरों में से एक माना जाएगा। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां इस हाई-प्रोफाइल मामले की हर एंगल से जांच कर रही हैं।

 

कैप्टन स्मित मछार ने बचाई थी यात्रियों की जान?

30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 जब हवा में थी, तब कॉकपिट के भीतर अचानक हिंसा भड़क उठी। सह-पायलट हमाम ने अचानक कैप्टन स्मित मछार पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले के तुरंत बाद विमान अनियंत्रित होकर तेजी से करीब 14,000 फीट नीचे आ गया। ALSO READ: Smit Machchhar : मैं हनुमान चालीसा पढ़ रहा था, PM मोदी से बोले कैप्टन स्मित मच्छार, बताया कैसे बचाई सैकड़ों लोगों की जान

घायल होने के बावजूद कैप्टन मछार ने हिम्मत जुटाई और कॉकपिट का दरवाजा खोलकर क्रू मेंबर और यात्रियों को अंदर आने का मौका दिया। अन्य दो पायलटों की मदद से हमलावर को काबू किया गया और विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतार लिया गया। विमान में 174 यात्री सवार थे जो बाल-बाल बच गए।