Dove Soft IPO: दूसरे दिन इश्यू 0.87 गुना सब्सक्राइब, कारोबारी सेहत के साथ जानिए क्या करती है कंपनी

Dove Soft Limited के ₹73.26 करोड़ के SME IPO को दूसरे दिन के अंत तक 0.87 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। 5 अक्टूबर 2026 को इश्यू बंद होगा। अब तक नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर यानी NII कैटेगरी 1.19 गुना सब्सक्राइब हुई है।

QIB और मार्केट मेकर हिस्से को भी 1.00 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका है। 1 अक्टूबर तक IPO में करीब ₹63.86 करोड़ की बोलियां आ चुकी थीं।

SMS से CPaaS की तरफ बढ़ रही कंपनी

Dove Soft का मुख्य कारोबार कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी से जुड़ा है। कंपनी पहले मुख्य रूप से SMS आधारित बिजनेस पर फोकस करती थी। अब वह AI आधारित और ओमनीचैनल CPaaS यानी Communication Platform as a Service मॉडल की तरफ बढ़ रही है।

इसके प्लेटफॉर्म पर RCS, WhatsApp, वॉइस, ईमेल और दूसरे डिजिटल कम्युनिकेशन चैनल शामिल हैं। कंपनी का लक्ष्य कारोबारों को एक ही प्लेटफॉर्म से अलग-अलग चैनलों पर ग्राहकों से जुड़ने की सुविधा देना है।

Dove Soft की कारोबारी सेहत

FY2025 से FY2026 के बीच कंपनी का रेवेन्यू 46% बढ़ा। इसी दौरान टैक्स के बाद मुनाफा यानी PAT 42% बढ़ा। कंपनी की शुरुआत 2011 में हुई थी।

आज इसकी मौजूदगी मुंबई, अहमदाबाद, गुरुग्राम और दुबई में है। कंपनी बड़े कॉर्पोरेट्स और OTT प्लेटफॉर्म्स को कम्युनिकेशन सॉल्यूशंस देती है।

IPO में क्या ऑफर है?

Dove Soft के IPO में कुल 53.28 लाख नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसके अलावा 12.72 लाख शेयरों का OFS यानी Offer for Sale है।

IPO का प्राइस बैंड ₹104 से ₹111 प्रति शेयर है। कंपनी के शेयरों को BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है। IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी अपनी आगे की कारोबारी जरूरतों के लिए करेगी।

बिजनेस कम्युनिकेशन बदल रहा है

Dove Soft के मुताबिक, अब कंपनियों का ग्राहक से संपर्क सिर्फ SMS तक सीमित नहीं है। WhatsApp, RCS, वॉइस और ईमेल जैसे चैनल भी कस्टमर कम्युनिकेशन का हिस्सा बन चुके हैं।

एक ही ग्राहक के साथ अलग-अलग चरणों में अलग चैनल इस्तेमाल किए जा सकते हैं। मसलन, ऑर्डर अपडेट के लिए SMS या WhatsApp और प्रमोशनल कम्युनिकेशन के लिए दूसरे डिजिटल चैनल का इस्तेमाल हो सकता है। Dove Soft इसी बदलाव को अपने कारोबार के लिए ग्रोथ का अगला मौका मान रही है।

AI और ऑटोमेशन पर भी फोकस

कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म में AI आधारित ऑटोमेशन को भी शामिल किया है। इसमें इंटेलिजेंट चैनल सिलेक्शन और रियल-टाइम एनालिटिक्स जैसी सुविधाएं हैं।

इसके अलावा वर्कफ्लो बेस्ड कम्युनिकेशन भी प्लेटफॉर्म का हिस्सा है। इसका मकसद कंपनियों के कम्युनिकेशन को ज्यादा ऑटोमेटेड और डेटा आधारित बनाना है।

ICICI Prudential Life: सिद्धार्थ मिश्रा होंगे नए MD और CEO, अनूप बागची ने इस्तीफा दिया

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।