UP First Forensic University: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में जल्द ही फॉरेंसिक साइंस के एक्सपर्ट तैयार होंगे। इसके लिए वाराणसी में प्रदेश का पहला नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी बन रहा है। राजातालाब के शहंशाहपुर में इस यूनिवर्सिटी का निर्माण होगा। 50 एकड़ जमीन पर इसका निर्माण किया जा रहा है।
इस यूनिवर्सिटी के निर्माण पर 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जल्द ही इसका शिलान्यास भी हो सकता है। फिलहाल इसी साल से वाराणसी के जाल्हूपुर में अस्थायी भवन में फॉरेंसिक साइंस की पढ़ाई शुरू हो गई है।
बिहार और झारखंड के स्टूडेंट्स को बड़ा फायदा
तीन साल यानी साल 2029 तक शहंशाहपुर में इस हाईटेक यूनिवर्सिटी के निर्माण को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वाराणसी की इस यूनिवर्सिटी से यूपी के साथ बिहार और झारखंड के स्टूडेंट्स को सीधा फायदा मिलेगा। इस हाईटेक यूनिवर्सिटी में अत्याधुनिक लैब के साथ हाईटेक क्लासरूम भी होंगे। इसके अलावा यहां फॉरेंसिक एक्सपर्ट को तैयार करने के लिए हाईटेक मशीनें भी होंगी। इस यूनिवर्सिटी में फॉरेंसिक साइंस, साइबर इन्वेस्टिगेशन, क्रिमिनोलॉजी से जुड़े पाठ्यक्रम चलेंगे। इन विषयों पर यहां 3 और 5 साल के यूजी, पीजी कोर्स चलेंगे।
फॉरेंसिक एक्सपर्ट की कमी होगी दूर
वाराणसी के डीएम सत्येंद्र कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में किसी भी बड़े क्राइम इन्वेस्टिगेशन में फॉरेंसिक साइंस टीम की जरूरत होती है। मौके पर इन्हीं के एक्सपर्ट कानूनी आधार पर सबूतों को इकट्ठा करते हैं। इस यूनिवर्सिटी से जब फॉरेंसिक एक्सपर्ट तैयार होंगे तो आने वाले समय में ऐसे क्राइम इन्वेस्टिगेशन में भी काफी मदद मिलेगी। इसके साथ ही देश में फॉरेंसिक एक्सपर्ट की कमी को आने वाले समय में यह यूनिवर्सिटी दूर करेगी।
देश का दूसरा फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी
फिलहाल वाराणसी के जाल्हूपुर में एक अस्थायी सेंटर पर इसी साल अगस्त महीने से इसकी पढ़ाई भी शुरू हो गई है। इस अस्थायी भवन में संसाधनों की कमी और कम जगह के कारण स्टूडेंट्स की संख्या भी कम है। लेकिन जब शहंशाहपुर में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी का भवन तैयार हो जाएगा तो यहां स्टूडेंट्स की संख्या 10 गुना तक बढ़ जाएगी। बता दें कि वाराणसी में बन रहा यह फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी देश का दूसरा और प्रदेश का पहला नेशनल यूनिवर्सिटी है। राजधानी लखनऊ में स्थित उत्तर प्रदेश फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान भी गुजरात के गांधीनगर स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी से सम्बद्ध है।
रिपोर्ट – अभिषेक जायसवाल

