
दुबई की फ्लाइट FZ1073 में जब 180 यात्री सवार हुए तो उन्हें यह अंदाजा भी नहीं होगा कि अगले कुछ घंटे उनके लिए इतने भयानक होंगे। उन्होंने आसमान की 30 हजार फुट की ऊंचाई पर उनकी सांसें अटक जाएगी। दुबई की यह बोइंग 737 उड़ान दुबई से तेल अवीव जा रही थी। रिपोर्टों के अनुसार विमान करीब 34,000 फीट की ऊंचाई पर था, तभी उसमें अचानक तेज उतार-चढ़ाव शुरू हुआ। विमान ने कुछ ही समय में हजारों फुट की ऊंचाई गंवा दी। इसके बाद आपातकालीन ट्रांसपोंडर कोड 7700 और फिर 7500 प्रसारित किया गया।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि यात्रियों को विमान के नियंत्रण पर संकट की आशंका हुई। उन्हें लगा कि विमान हाईजैक हो गया है। तभी 5 ऐसे रीयल हीरो सामने आए। जिन्होंने अपने साहस, बुद्धि और धैर्य से 180 लोगों की जान को बचाया। किसी ने कथित हमलावर को काबू करने में मदद की, तो किसी ने घायल कैप्टन की जान को बचाया
कैप्टन स्मित माछर (smit machchhar) ने विमान के साथ को पायलट को किया कंट्रोल
इसमें सबसे पहले नाम आता है भारतीय मूल के मुख्य कैप्टन स्मित माछर का। माछर की तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी की और उन्हें असली हीरो बताया है। उड़ान के दौरान कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित माछर पर उनके ओमानी को-पायलट ने कथित तौर पर हमला कर दिया। इसी दौरान विमान अचानक तेजी से नीचे जाने लगा और आपातकालीन संकेत जारी किए गए। पायलट द्वारा चाकू से गंभीर रूप से घायल और लहूलुहान होने के बावजूद माछर ने हिम्मत नहीं हारी।
रिपोर्टों के अनुसार, हमले में घायल भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार कॉकपिट के दरवाजे के पास गिर गए थे। इसके बावजूद उन्होंने दरवाजा खोल दिया। इससे बाहर मौजूद यात्रियों को अंदर पहुंचने का मौका मिला। इसके बाद कुछ यात्री कॉकपिट में पहुंचे और कथित हमलावर को काबू करने में मदद की। बाद में विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभाला और इसे सऊदी अरब के ताबुक में सुरक्षित उतारा गया।
शो से सीख लिया विमान उड़ाना, प्लंबर कैसे बने पायलट
इस हड़कंप के बीच इजराइली यात्री यानिव हायून, जो पेशे से प्लंबर हैं। उनके साहस और बुद्धि के इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी कायल हो गए। कॉकपिट में पहुंचने वाले शुरुआती यात्रियों में शामिल थे। हायुन ने बताया कि विमान के रास्ते को ठीक करने में मदद करने से पहले, उन्होंने कॉकपिट में घुसकर संदिग्ध हमलावर को कंट्रोल से हटाया था। फ्लाइट के कॉकपिट में घुसकर पायलट माछर पर हमला कर रहे को पायलट को पकड़कर काबू में किया और उसे घसीटकर बाहर लेकर आए। हायून ने पायलट की सीट संभाली और टीवी शो देखकर सीखी गई जानकारी के आधार पर विमान के कंट्रोल स्टिक (Yoke) को पीछे खींचा, जिससे विमान का नीचे गिरना थमा और वह स्थिर हुआ। हायून ने बताया कि वे टीवी पर Air Crash Investigation कार्यक्रम देखते हैं। जब विमान नियंत्रण खोता दिखाई दिया तो वह दोबारा कॉकपिट में पहुंचे और कंट्रोल्स संभालने की कोशिश की।
יניב, אתה גיבור אמיתי. אנחנו עם של אריות! pic.twitter.com/55AgmAvzIG
— Benjamin Netanyahu – בנימין נתניהו (@netanyahu) September 30, 2026
आप सोशल मीडिया पर पीएम नेतन्याहू और यानिव हायून के बीच मुलाकात का वीडियो देख सकते हैं।
सीईओ ने कैसे संभाली विमान में कमान
विमान में बैंक ल्यूमी की अंडरराइटिंग कंपनी के सीईओ ज्विका मानेस भी सफर कर रहे थे। वे भी रियल हीरो बनकर सामने आए। वो भी कॉकपिट की ओर जाने वाले यात्रियों में शामिल थे। वहां उन्होंने खून देखा और घायल कैप्टन को भी देखा। विमान में मची चीख-पुकार के बीच उन्होंने दूसरे यात्रियों के साथ मिलकर ओमानी सह-पायलट को पकड़ने और काबू करने में मदद की। हमलावर लगातार छूटने की कोशिश कर रहा था, इसलिए यात्रियों ने उसे बांधने के लिए विमान में दिए गए मल्टीमीडिया हेडफोन की केबल का इस्तेमाल किया।
हॉरर फिल्म जैसा खौफनाक मंजर
थाईलैंड में छुट्टियां मनाकर लौट रहे इंश्योरेंस एजेंसी मालिक असफ राजुआन उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने को-पायलट को काबू करने में मदद की। उन्होंने मीडिया को बताया कि फ्लाइट का माहौल किसी हॉरर फिल्म जैसा हो गया था। उन्होंने कहा कि प्लेन का कंट्रोल छूट गया और वह 90-डिग्री के एंगल पर नीचे की ओर जाने लगा। हमें एहसास हुआ कि प्लेन पर अब कोई कंट्रोल नहीं रहा और कुछ अनहोनी हो गई है। असफ राजुआन ने बताया कि कॉकपिट का दरवाजा खुला था और यात्रियों ने देखा कि कॉकपिट खून से भर रहा था। उन्होंने बताया कि लोग अंदर गए। मैं दो और लोगों के साथ अंदर गया और हमने हमलावर को काबू करने की कोशिश की, जिसमें हम सफल रहे।
डेंटिस्ट ने बचाई पायलट की जान
शोटा मुसायेव डेंटिस्ट हैं। उन्होंने भी पायलट को देखकर कॉकपिट की तरफ दौड़ लगाई। शुरुआत में उन्होंने हमलावर को काबू करने में मदद की। जब सह-पायलट को बांध दिया गया तो मुसायेव ने घायल भारतीय कैप्टन स्मित माछर की तरफ ध्यान दिया। उन्होंने मीडिया को बताया कैप्टन के सिर और हाथों से काफी खून निकल रहा था। मुसायेव ने प्राथमिक उपचार देते हुए खून बहना रोकने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि वह विमान में मौजूद एकमात्र डॉक्टर थे।


